देहरादून/नई दिल्ली: राजधानी के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बनने जा रहा है। विकास, गति और आधुनिक कनेक्टिविटी का प्रतीक माने जा रहे बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर) का लोकार्पण मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी उपस्थित रहेंगे।
इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 9 बजे पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर स्थित महावीर स्वामी पार्क (लोहे वाला पुल के निकट) में किया जा रहा है। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा तथा उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री का यह उत्तराखंड दौरा भी विशेष महत्व रखता है। वे इस दौरान टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता वाले देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे, जिसे ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय मानकों के अनुसार विकसित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के बीच से गुजरने वाला लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जिसे एशिया का सबसे लंबा कॉरिडोर माना जा रहा है। इससे हाथी, बाघ सहित अन्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी।
इसके अतिरिक्त डाट काली मंदिर के समीप 340 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है, जिससे यात्रियों को पुराने घुमावदार पहाड़ी मार्गों से राहत मिलेगी और सफर अधिक सुगम बनेगा। एक्सप्रेसवे 6 से 12 लेन का है, जिसमें दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से लोनी तक का हिस्सा 12 लेन का बनाया गया है। इसकी डिज़ाइन गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से प्रारंभ होकर उत्तर प्रदेश के बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे प्रमुख शहरों से होते हुए देहरादून तक पहुंचेगा। इसके साथ ही 50.7 किलोमीटर लंबा हरिद्वार स्पर भी विकसित किया गया है, जिससे दिल्ली से हरिद्वार की दूरी लगभग दो घंटे में पूरी की जा सकेगी। अंबाला को जोड़ने के लिए भी एक अतिरिक्त स्पर मार्ग तैयार किया गया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस परियोजना को ‘उम्मीदों की उड़ान’ बताते हुए कहा है कि यह राज्य में पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई दिशा देगा तथा रोजगार के अवसरों में वृद्धि करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष जुड़ाव रहा है। वर्ष 2015 में ऋषिकेश से अपने दौरे की शुरुआत करने के बाद वे अब तक केदारनाथ धाम के पांच दौरे कर चुके हैं और बद्रीनाथ, मुखबा तथा आदि कैलाश जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण कर चुके हैं।
कार्यक्रम को लेकर प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा यातायात प्रबंधन को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
यह एक्सप्रेसवे न केवल दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय को कम करेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई गति प्रदान करेगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और औद्योगिक विकास के नए अवसर खुलेंगे। कुल मिलाकर, आज का यह लोकार्पण केवल एक सड़क परियोजना का उद्घाटन नहीं, बल्कि देश के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



