गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है। राज्य में मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ भाजपा ने ‘नफरती भाषण’ देने का आरोप लगाते हुए पुलिस और राज्य चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। असम भाजपा के प्रवक्ता प्रांजल कलिता ने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनावी रैली के दौरान ऐसी टिप्पणियां कीं, जो हिंदू आस्था और परंपराओं का अपमान करती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान सामाजिक सद्भाव के लिए खतरनाक हैं।
एफआईआर और चुनाव आयोग में शिकायत
भाजपा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए गुवाहाटी के बसिष्ठ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। साथ ही असम राज्य चुनाव आयोग को भी शिकायत सौंपकर खरगे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
‘विभाजनकारी राजनीति’ का आरोप
भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटने की कोशिश कर रही है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी सनातन संस्कृति को कमजोर करने का प्रयास है।
चुनाव से पहले बढ़ा सियासी तनाव
असम में 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव से ठीक पहले इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। भाजपा की शिकायत के बाद अब इस मामले में पुलिस और चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जो चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती है।



