नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के अंदर मचे घमासान ने अब एक फिल्मी मोड़ ले लिया है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व (आतिशी, सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह) के बीच तलवारें खिंच गई हैं।
शनिवार को राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो जारी कर अपनी ही पार्टी के नेताओं को करारा जवाब दिया। उन्होंने हालिया रिलीज फिल्म ‘धुरंधर’ के एक मशहूर डायलॉग का सहारा लेते हुए कहा “घायल हूं, इसलिए घातक हूं।”
राघव चड्ढा ने भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा कि वह अब तक चुप थे, लेकिन बार-बार दोहराए जा रहे झूठ को सच बनने से रोकने के लिए उनका बोलना जरूरी हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एक ‘स्क्रिप्टेड कैंपेन’ चलाया जा रहा है, जो एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता।
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 4, 2026
Three Allegations. Zero Truth.
My Response: pic.twitter.com/tPdjp04TLt
आप के तीन आरोपों पर राघव का जवाब
पार्टी ने राघव चड्ढा पर अनुशासनहीनता के तीन मुख्य आरोप लगाए थे, जिनका उन्होंने वीडियो में विस्तार से खंडन किया:
1. वॉकआउट में साथ न देने का आरोप: पार्टी का दावा था कि जब पूरा विपक्ष सदन से बाहर जा रहा था, तब राघव चड्ढा वही बैठे रहे। इस पर चड्ढा ने चुनौती देते हुए कहा, “पार्लियामेंट में हर जगह सीसीटीवी लगे हैं। आप फुटेज निकलवाकर दिखा दे कि मैंने कब विपक्ष का साथ नहीं दिया। यह सफेद झूठ है।”
2. मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ याचिका पर हस्ताक्षर: दूसरा आरोप था कि उन्होंने सीईसी को हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। राघव ने पलटवार करते हुए कहा, “मुझसे किसी ने औपचारिक या अनौपचारिक तौर पर साइन करने को कहा ही नहीं। सच तो यह है कि आप के 10 में से 6-7 सांसदों ने खुद इस पर साइन नहीं किए हैं। फिर निशाना सिर्फ मुझे ही क्यों बनाया जा रहा है?”
3. स्क्रिप्टेड साजिश का दावा: राघव चड्ढा ने कहा कि कल से जो भाषा पार्टी के नेता इस्तेमाल कर रहे हैं, वह एक जैसी है। उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें दरकिनार करने के लिए पार्टी के भीतर से ही साजिश रची जा रही है।
क्या ‘धुरंधर’ बनेगा राजनीति का नया चेहरा?
राघव चड्ढा द्वारा फिल्म ‘धुरंधर’ के डायलॉग का इस्तेमाल करना चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या राघव अब आम आदमी पार्टी से अपनी राहें अलग करने वाले हैं या यह पार्टी के भीतर वर्चस्व की एक नई जंग है। फिलहाल, ‘घायल’ शेर के इस ‘घातक’ पलटवार ने दिल्ली की राजनीति में हलचल मचा दी है।



