नई दिल्ली। वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। BSE Sensex 2497 अंक (3.26%) टूटकर 74,207 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 776 अंक (3.26%) गिरकर 23,002 पर आ गया। यह पिछले 22 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
आज के कारोबार में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।
गिरावट की बड़ी वजहें-
- अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित
- कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना
- अमेरिकी और एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर
विशेषज्ञों के मुताबिक, जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ता है और निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
HDFC बैंक शेयर में गिरावट
इस बीच HDFC Bank के शेयर में भी दबाव देखने को मिला। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद शेयर 5.11% गिरकर करीब 800 रुपए पर बंद हुआ।
चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में बैंक के कामकाज के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने ऐसी कई घटनाएं देखीं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खातीं।
निवेशकों में सतर्कता बढ़ी
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।



