नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली-एनसीआर की हवा साफ करने के लिए बुधवार को एक बड़ी बैठक की। दिल्ली-एनसीआर के राज्यों हरियाणा, यूपी, राजस्थान और पंजाब के बड़े अफसर मौजूद थे। इस दौरान मंत्री ने साफ कहा कि पिछली पांच बैठकों में जो फैसले लिए गए, अब उन्हें जमीन पर उतारना है। कोई बहाना नहीं चलेगा।
उद्योगों को अल्टीमेटम: 31 दिसंबर तक मशीन लगाओ या बंद हो जाओ
एनसीआर में करीब 2,254 बड़े प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों (लाल श्रेणी) को 31 दिसंबर 2025 तक प्रदूषण रोकने की मशीन और ऑनलाइन निगरानी सिस्टम लगाना ही होगा। जो नहीं लगाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, कारखाना सील तक हो सकता है।
सड़क, धूल और ट्रैफिक पर खास ध्यान
इसमें गड्ढों वाली सड़कें तुरंत ठीक होंगी, हर सड़क के साथ पूरा फुटपाथ और नाली बनेगी, मैकेनिकल स्वीपर मशीनें ज्यादा लगेंगी, दिल्ली के 62 ट्रैफिक जाम वाले हॉटस्पॉट पर तुरंत पुलिस तैनाती और स्मार्ट सिग्नल लगेंगे और अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटेगा। इसके अलावा बसें इलेक्ट्रिक होंगी, पुराने वाहन पर सख्ती भी की जाएगी। वहीं, अभी दिल्ली-एनसीआर में 3,400 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, मार्च 2026 तक 5,000 से ज्यादा हो जाएंगी। 1 नवंबर 2025 से दिल्ली में BS-III और उससे पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों की एंट्री बंद है।
हरियाली बढ़ाने का नया प्लान
इसके साथ ही, बंजर जमीन पर पेड़ लगेंगे, पार्क, तालाब और नदी किनारे अतिक्रमण हटेगा, स्कूल-कॉलेज में इको-क्लब फिर से शुरू होंगे और हर मोहल्ले में स्थानीय लोग और पार्षद मिलकर हरियाली बढ़ाएंगे।
हर महीने और हर हफ्ते टारगेट
मंत्री ने सभी राज्यों से कहा कि अब साल भर का पूरा प्लान बनाओ। हर महीने और हर हफ्ते का टारगेट तय करो। जल्द ही गांव-शहर में जमीनी मीटिंग होंगी, जिसमें देखा जाएगा कि काम कितना हुआ। बैठक में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में कहा, अब दिल्ली-एनसीआर की हवा साफ करने का वक्त आ गया है, कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।



