नई दिल्ली। भारत में खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लक्ष्य के साथ शुक्रवार को फेडरेशन हाउस में 15वां ग्लोबल स्पोर्ट्स समिट (Global Sports Summit 2024) आयोजित किया गया। इस आयोजन में सरकार, खेल जगत, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय खेल विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और भारत को एक वैश्विक खेल शक्ति बनाने की रणनीति पर चर्चा की। इस वर्ष के सम्मेलन का थीम था – “इंडियन स्पोर्ट्स: फॉर्जिंग द पाथ टू ग्लोबल एक्सीलेंस” जिसका मुख्य उद्देश्य नवाचार, आधुनिक तकनीक और वैश्विक भागीदारी को बढ़ावा देना रहा।
भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी से बनेगी नई राह
समिट में ऑस्ट्रेलिया (India Australia Sports Partnership) पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल रहा, जिसने खेल विज्ञान, उच्च प्रदर्शन कोचिंग, युवा प्रतिभाओं के विकास और खेल प्रबंधन में सहयोग बढ़ाने की दिशा में नए अवसरों पर जोर दिया। इसी के साथ कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी किए गए- FICCI Knowledge Report – Sporting India Rising और
India-Australia Sports Collaboration Strategy
इन दोनों रिपोर्ट्स के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि भारत अब खेल के हर क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की तरफ बढ़ रहा है। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया के साथ गठजोड़ भारतीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
पीटी उषा को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
समारोह की सबसे गौरवपूर्ण क्षण रहा भारतीय एथलेटिक्स की दिग्गज पीटी उषा (PT Usha Award) को FICCI Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया जाना। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष उषा ने सम्मान ग्रहण करते हुए कहा- “भारतीय खेल तभी आगे बढ़ेगा जब देश के हर बच्चे तक खेल की पहुंच और अवसर समान रूप से उपलब्ध होंगे। यह जिम्मेदारी हम सभी की है।” उनकी यह बात इस लक्ष्य को मजबूत करती है कि भारत खेल को केवल पेशेवर स्तर पर नहीं, जमीनी स्तर पर भी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत का लक्ष्य-2036 ओलंपिक में टॉप-10
खेल विभाग के सचिव हरी रंजन राव ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट लक्ष्य तय किया है कि 2036 ओलंपिक तक भारत को दुनिया के शीर्ष 10 राष्ट्रों में शामिल करना है। इसके लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है-
- खेल विज्ञान और टेक्नोलॉजी
- मजबूत ग्रासरूट इंफ्रास्ट्रक्चर
- प्रतिभाओं की पहचान और उनका समग्र विकास
उनकी मान्यता है कि विभिन्न राज्यों में तेजी से विकसित हो रहे स्पोर्ट्स सुविधाएं इस लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी।
भविष्य की रणनीति पर गहन चर्चा
इस समिट में ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन, राज्य सरकारों के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि, खेल उद्योग से जुड़े बड़े नाम, और विशेषज्ञ शामिल रहे। सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई-
- भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल साझेदारी का विस्तार
- भारत की बढ़ती स्पोर्ट्स इकोनॉमी
- फैन इंगेजमेंट और ब्रॉडकास्टिंग के नए मॉडल
- ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए भविष्य के भारतीय सितारों की पहचान
ये भी पढ़ें-टीबी पर भारत की बड़ी जीत, 9 साल में मरीजों की संख्या 21% कम
विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, एथलीट वेलफेयर और कॉर्पोरेट निवेश भारतीय खेलों को नई दिशा देने में अहम साबित होंगे। इस समिट ने संकेत दिया है कि भारत अब केवल पारंपरिक खेल देशों से मुकाबला नहीं करेगा, बल्कि खेल नवाचार और संरचना में भी अग्रणी बनने की तैयारी कर चुका है। सरकार और उद्योग के संयुक्त प्रयासों से भारत का अगला दशक निस्संदेह खेल इतिहास में स्वर्णिम साबित हो सकता है।



