नई दिल्ली। अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के पूर्व अधिकारी और व्हिसलब्लोअर जॉन किरियाकू (John Kiriakou) ने एक सनसनीखेज बयान दिया है। उनका कहना है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने उनसे दबाव बनाकर भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच माफी मंगवाने की कोशिश की थी। किरियाकू का दावा है कि उन्होंने भारत- पाकिस्तान युद्ध (India Pakistan War) की संभावनाओं पर एक टिप्पणी की थी, जिसके बाद उन्हें ऑनलाइन धमकियों (War Comment Controversy) का सामना करना पड़ा और PTI ने औपचारिक पत्र भेजकर तत्काल माफी की मांग की।
युद्ध टिप्पणी के बाद तेज हुई प्रतिक्रियाएँ
जॉन किरियाकू (John Kiriakou) ने अक्टूबर महीने में भारतीय समाचार एजेंसी ANI से बातचीत की थी। इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि यदि दोनों देशों के बीच पारंपरिक युद्ध होता है, तो पाकिस्तान को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा क्योंकि भारत जनसंख्या और सैन्य संसाधनों के लिहाज से काफी बड़ा है। उन्होंने साफ कहा था कि युद्ध किसी भी पक्ष के लिए लाभदायक नहीं होगा, दोनों देशों के नागरिकों को ही नुकसान होगा।
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर बेहद विवादास्पद बन गया। पाकिस्तान के लोगों ने ऑनलाइन उन्हें निशाना बनाया और अपशब्दों के साथ जान से मारने तक की धमकियां दीं। किरियाकू का कहना है कि उन्हें धमकियों की संख्या का अंदाजा भी नहीं है, क्योंकि यह सिलसिला लगातार बढ़ता गया।
PTI ने भेजा पत्र, माफी की मांग
किरियाकू ने बताया कि उनके बयान के बाद PTI की ओर से उन्हें एक औपचारिक पत्र भेजा गया, जिसमें सख्त शब्दों में उनकी टिप्पणी की निंदा की गई और तत्काल इमरान खान, उनकी पार्टी और पाकिस्तान की जनता से माफी मांगने की बात कही गई। उन्होंने दावा किया कि यह पत्र PTI के मौजूदा अध्यक्ष के नाम से जारी हुआ था। गौरतलब है कि मार्च 2023 से पार्टी का नेतृत्व पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही कर रहे हैं, जो वर्तमान में PTI के प्रमुख माने जाते हैं।
किरियाकू का व्यंग्यात्मक जवाब
पूर्व CIA अधिकारी के अनुसार, उनके वकील ने सुरक्षा के लिहाज से उन्हें लो-प्रोफाइल रहने और सार्वजनिक बयान देने से बचने की सलाह दी थी। हालांकि, उन्होंने खुद व्यंग्यात्मक अंदाज में जवाबी पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने PTI के रवैये पर तंज कसे। किरियाकू का कहना है कि उनके जवाब के बाद PTI की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
पहले भी विवादों में रहे हैं जॉन किरियाकू
यह पहली बार नहीं है जब किरियाकू विवादों में घिरे हों। 2007 में उन्होंने CIA के अत्याचार और यातना तकनीकों का खुलासा किया था, जिसे आगे चलकर ‘CIA टॉर्चर प्रोग्राम’ नाम दिया गया। इस खुलासे के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और लगभग 23 महीने तक जेल में रहना पड़ा। हालांकि बाद में मुख्य आरोप हटा दिए गए।
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लगभग 15 वर्षों तक CIA में सक्रिय रहे किरियाकू 9/11 हमले के बाद कई महत्वपूर्ण आतंकवाद-रोधी अभियानों का हिस्सा रहे। 2002 में उन्होंने अल-कायदा के बड़े आतंकी अबू ज़ुबैदा की गिरफ्तारी वाले ऑपरेशन का नेतृत्व भी किया था। जॉन किरियाकू अब भी अपने फैसलों को सही बताते हैं और कहते हैं कि उन्हें अपने खुलासों पर कोई पछतावा नहीं है।



