नई दिल्ली: भारत और इजरायल के बीच संबंधों को नई उड़ान देने के लिए दोनों देशों ने अहम कदम उठाया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इजरायल यात्रा के दौरान कृषि, प्रौद्योगिकी और व्यापार के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
कृषि सहयोग को बढ़ावा
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इजराइल की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान कई बैठकें कीं, जिसमें उन्होंने इजरायल के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिचर से कृषि सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। डिचर ने गोयल को इज़राइल के 25 वर्षीय खाद्य सुरक्षा रोडमैप, उसकी उन्नत बीज-सुधार रणनीतियों और कृषि के लिए जल-पुनउपयोग प्रौद्योगिकियों में देश के वैश्विक नेतृत्व के बारे में जानकारी दी।
तकनीकों पर जोर
गोयल ने अपनी यात्रा के दौरान पेरेज़ सेंटर फ़ॉर पीस एंड इनोवेशन का दौरा किया, जहां उन्हें इजरायल के अग्रणी तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र से अवगत कराया गया। उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, स्टेंट तकनीक और आयरन डोम प्रणाली सहित कई ऐतिहासिक नवाचारों के साथ-साथ उभरती हुई भविष्य की तकनीकों और इमर्सिव वर्चुअल-रियलिटी समाधानों की जानकारी दी गयी। उन्होंने पेरेज़ सेंटर को एक प्रेरक संस्थान बताया जो इजरायल की रचनात्मकता, नवाचार और सामाजिक प्रभाव की प्रगति को दर्शाता है।
ये भी पढ़ें-पुराने डेवेलपमेंट मॉडल पर विचार हो…G20 में मोदी
वित्त मंत्री संग बैठक
पीयूष गोयल ने इजराइल के वित्त मंत्री बेजेल स्मोट्रिच के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की, जिसमें निवेश संबंधों को मजबूत करने, वित्तीय प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने और अधिक मजबूत आर्थिक आदान-प्रदान की सुविधा के लिए नियामक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। उन्होंने उद्योग जगत के साथ बातचीत के दौरान चेक पॉइंट (साइबर सुरक्षा), आईडीई टेक्नोलॉजीज़ (जल समाधान), एनटीए (मेट्रो परियोजनाएं) और नेटाफिम (सटीक कृषि) सहित प्रमुख इजरायली कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।



