आजादी के बाद पहली बार काेई निर्दलीय नहीं जीता

बिहार बंटवारे के बाद निर्दलीयों की संख्या में हर बार कमी आती गयी। 15 वीं विधानसभा में पहली बार निर्दलीयों की संख्या दहाई अंक से इकाई में पहुंच गयी। 58 वर्षों के बाद ऐसा हुआ, जब बिहार में 10 से कम निर्दलीय विधायक जीते। इस बार वे पूरी तरह खत्म हो गए। पिछली बार सुमित सिंह चकाई से जबकि रुपौली सीट पर हुए उप चुनाव में शंकर सिंह निर्दलीय चुनाव जीते थे। सुमित सिंह इस बार जदयू से लड़े जबकि शंकर सिंह फिर से निर्दलीय थे।

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पटना: आजादी के बाद बिहार विधानसभा में पहली बार ऐसी स्थिति आई है जब सदन में कोई निर्दलीय विधायक नहीं होगा। स्वतंत्रता के बाद बिहार में 18 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन बीते 17 विधानसभा में निर्दलीय जीतते रहे हैं और उनका किसी न किसी रूप में प्रतिनिधित्व होता रहा है। सबसे कम संख्या 17 वीं विधानसभा में ही थी, जब केवल दो निर्दलीय जीते। पिछली बार जीते दोनों निर्दलीय विधायक इस बार हार गए। इनमें से एक तो जदयू में शामिल होने के बाद जबकि, दूसरे निर्दलीय लड़ते हुए पराजित हुए।

यह पहला अवसर है जब सदन निर्दलीयों के बिना है

बिहार के 73 वर्षों के संसदीय सफर में यह पहला अवसर है जब सदन निर्दलीयों के बिना है। ऐसी स्थिति तब है जबकि बिहार विधानसभा में कभी 30 से 33 विधायक हुआ करते थे। लेकिन, निर्दलीय की पकड़ बिहार में लगातार कम होती गयी। बीते दो-ढाई दशक में वे पूरी तरह हाशिये पर आ गए हैं। खासकर सूबे में नीतीश कुमार की सत्ता आने के बाद दलीय राजनीति मजबूत हुई है। इसके कारण निर्दलीयों की संख्या लगातार कम होती गयी।

पहली बार विधानसभा का चुनाव 1952 में 14 निर्दलीय जीतकर सदन पहुंचे थे

बिहार में पहली बार विधानसभा का चुनाव 1952 में हुई, तब 14 निर्दलीय विधायक जीतकर सदन पहुंचे। दूसरे विधानसभा के चुनाव में इसकी संख्या बढ़कर 16 हो गयी। इसके बाद निर्दलीयों की संख्या बढ़ती-घटती रही। लेकिन, वे सदन के अंदर मजबूत ताकत के रूप में हमेशा बने रहे।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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