नई दिल्ली: नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ) 2025 में आज केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के पवेलियन का उद्घाटन किया। इस मौके पर मंत्रालय और कोल इंडिया के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कोल इंडिया का यह पवेलियन देश की ऊर्जा सुरक्षा, नई तकनीकों और सतत विकास की दिशा में कंपनी के किए जा रहे कामों को लोगों के सामने पेश कर रहा है। यहां खुली खदान में होने वाले खनन की प्रक्रिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल और कंपनी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की झलक दिखाई जा रही है। AI की वजह से खनन से जुड़े कामों में सुरक्षा और दक्षता बढ़ने की जानकारी भी दी गई।
*पवेलियन एक ऐसा खास स्टॉल या सेक्शन होता है, जहाँ कोई संस्था, राज्य, कंपनी या विभाग अपनी चीजें दिखाता है।
कोल गैसीफिकेशन तकनीक पर रहा फोकस
पवेलियन के एक महत्वपूर्ण हिस्सा कोयला मंत्रालय की कोयला गैसीफिकेशन पहल को प्रदर्शित करता है, जो स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी की दिशा में भारत के संक्रमण का एक प्रमुख साधन है। इसके अलावा CSR गतिविधियों और इको-टूरिज्म जैसी पहलें भी पवेलियन का अहम हिस्सा रहीं। साथ ही कोल इंडिया की लिथियम और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के अधिग्रहण की रणनीति भी प्रदर्शित की गई है, ताकि भारत की इन खनिजों पर आयात निर्भरता कम की जा सके।
आईआईटीएफ को कोल इंडिया हितधारकों, उद्योग जगत और आम जनता से जुड़ने का एक बड़ा मौका मान रहा है। मंत्रालय और कंपनी का कहना है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
इसको भी पढ़ें: जल योद्धाओं को छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार
इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ) के बारे में
इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) भारत का सबसे बड़ा और सबसे पुराना व्यापार मेला है। इसका आयोजन 1979 में शुरू हुआ था। इसे भारत व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) आयोजित करता है, जो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है। आज IITF दुनिया के सबसे बड़े बहु-क्षेत्रीय व्यापार मेलों में शामिल है और हर साल लाखों लोग इसमें आते हैं। यह उद्यमियों, किसानों, हस्तशिल्प कलाकारों, स्टार्टअप और उद्योग जगत के लिए एक बड़ा मंच बन चुका है।




