नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बोत्सवाना यात्रा के दौरान चीता परियोजना को आठ चीतों की सौगात मिली है। राष्ट्रपति ने भारतीय समुदाय से अपील की, कि बोत्सवाना के विकास में योगदान दें और भारत से रिश्ते मजबूत करें। इस यात्रा के दौरान बोत्सवाना ने भारत को आठ चीते उपहार में दिए, जो प्रोजेक्ट चीता के अगले चरण की शुरुआत है।
मध्यप्रदेश में रखे जाएंगे ये चीते
अफ्रीकी देश बोत्सवाना से उपहार में मिले 8 चीतों को फिलहाल दक्षिणी बोत्सवाना के मोकोलोड़ी नेचर रिजर्व में क्वारंटीन किया गया है। इनमें 2 नर और 6 मादा हैं, और क्वारंटीन पूरी होने के बाद ये दिसंबर या जनवरी में भारत लाए जाएंगे। इनके आने से कूनो में चीतों की संख्या 32 हो जाएगी, और कुछ चीतों को बाद में गांधीसागर अभयारण्य शिफ्ट करने पर फैसला होगा।
उप-राष्ट्रपति नदाबा नकोसिनाथी गाओलाथे से की मुलाकात
बोत्सवाना के नेताओं से मुलाकात यात्रा के दौरान बोत्सवाना के उप-राष्ट्रपति नदाबा नकोसिनाथी गाओलाथे और अंतरराष्ट्रीय संबंध मंत्री डॉ. फेन्यो बुटाले ने राष्ट्रपति मुर्मू से अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया गया। यह सहयोग भारत और बोत्सवाना के बीच विश्वास और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है।
OCI योजना और प्रवासी भारतीय दिवस जैसी पहलों का लाभ उठाने की, की अपील
नई दिल्ली लौटने से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने गाबोरोने में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम बोत्सवाना में भारत के उच्चायुक्त ने आयोजित किया था। उन्होंने भारतीय समुदाय से बोत्सवाना के विकास में योगदान देने और भारत से रिश्ते मजबूत करने की अपील की। भारत के साथ जुड़ाव बढ़ाएं राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय समुदाय को ओसीआई योजना और प्रवासी भारतीय दिवस जैसी पहलों का लाभ उठाने को कहा।



