पटना: बिहार की राजनीति में दबदबा कायम करने वाले भूमिहार समाज के उम्मीदवारों ने 25 सीटों पर जीत का परचम लहराया है। पिछली बार 21 भूमिहार उम्मीदवार जीते थे। इस जीत पर भूमिहार समाज में उत्साह है, लेकिन कुछ भूमिहार समाज के दिग्गजों के हारने का मलाल भी है। भूमिहार समाज के प्रमुख हारने वाले लोगों में अनिल बाबू (टेकारी), अरुणा देवी (वारसलीगंज), हुलास पांडेय (ब्रह्मपुर), उमाकान्त सिंह(चनपटिया), रणविजय सिंह (गोह) शामिल हैं। यदि पार्टियों के हिसाब से देखें तो भाजपा ने भूमिहार समाज के लोगों को सर्वाधिक 16 टिकट दिये थे। इसमें से 12 को विजय मिली है और चार लोगों को पराजय का सामना करना पड़ा। भाजपा से हारने वाले उम्मीदवारों में वारिसलीगंज विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार अरूणा देवी 10वें राउंड तक राजद की अनीता देवी से आगे चल रही थीं, लेकिन अंतिम के राउंडों में वे पीछे हो गयीं और 7543 मतों से हार गयीं। आरजेडी की अनीता को कुल 97833 मत मिले थे, जबकि अरूणा देवी को 90290 मत मिले।
वहीं भाजपा की सुनामी के बावजूद बिस्फी विधानसभा से भूमिहार समाज के भाजपा उम्मीद्वार हरिभूषण ठाकुर को राजद उम्मीदवार आसिफ अहमद ने 8107 मतों से हरा दिया। पिछली बार हरिभूषण को जीत मिली थी। वहीं गोह से भाजपा के भूमिहार उम्मीदवार डाक्टर रणविजय कुमार को रालोद के अमरेन्द्र कुमार ने 4041 मतों से हरा दिया। वहीं चनपटिया विधानसभा से भाजपा के उमाकांत सिंह को कांग्रेस के अभिषेक रंजन ने 602 मतों से हराया।
भाजपा के 12 भूमिहार उम्मीदवारों को मिली विजय
वहीं भाजपा के भूमिहार उम्मीदवारों में अरवल से मनोज शर्मा, हिसुआ से अनिल सिंह, गोरियाकोठी से देवेश कांत सिंह, तेघड़ा से रजनीश कुमार, बेगूसराय से कुंदन कुमार, लखीसराय: विजय कुमार सिन्हा, जाले से जीवेश कुमार मिश्रा, विक्रम: सिद्धार्थ सौरभ, तरारी से विशाल प्रशान्त, मुजफ्फरपुर से रंजन कुमार, बिहपुर से ई. शैलेन्द्र, कल्याणपुर से सचिंद्र प्रसाद सिंह विजयी हुए हैं।
जदयू के सभी आठ भूमिहार उम्मीदवार जीते
वहीं जदयू ने आठ भूमिहारों को टिकट दिये थे, इन सभी का विजयी होने का स्ट्राइक रेट सौ प्रतिशत रहा। सभी ने अपने-अपने विधानसभा में विजय का झंडा बुलंद किया। इन विजयी उम्मीदवारों मोकामा से अनंत सिंह, बरबीघा से डॉ पुष्पंजय, सरायरंजन से विजय कुमार सिंह कांटी से ई. अजीत कुमार, एकमा से धूमल सिंह, केसरिया से शालिनी मिश्रा, घोसी से ऋतुराज कुमार, रुन्नीसैदपुर से पंकज कुमार विजयी रहे।
राजद ने छह भूमिहारों को दिया था टिकट, दो ने मारी बाजी
वहीं पिछले विधानसभा चुनाव में मात्र एक भूमिहार टिकट देने वाली राजद ने इस बार छह उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा था। इसमें विपरित परिस्थितियों के बावजूद मटिहानी से बोगो सिंह और जहानाबाद से राहुल कुमार ने बाजी मार ली। वहीं हम ने दो भूमिहारों को टिकट दिया था। इसमें अतरी से रोमित कुमार को विजय मिली, जबकि वहीं टेकारी से राजद उम्मीदवार अजय कुमार ने हम उम्मीदवार अनिल कुमार को 2058 मतों से हरा दिया। लोकजनशक्ति पार्टी के भूमिहार प्रत्याशी बाबू लाल शौर्य को भी परबत्ता से विजय मिली है। वहीं आरएलएम से मधुबनी के भूमिहार उम्मीदवार माधव आनंद ने विजय हासिल की है। वहीं कांग्रेस ने 12 भूमिहारों को टिकट दिया था, लेकिन उसके एक भी भूमिहार उम्मीदवार जीत दर्ज करने में सफल नहीं रहे।
भूमिहार समाज के नेता अजय राय ने कहा
इस संबंध में भूमिहार समाज के नेता अजय राय का कहना है कि चुनाव में हार-जीत तो लगी रहती है। सबसे जरूरी है कि हम किसी मुद्दे पर एकजुट रहें। एकता रहेगी, तभी कोई हमारी सुनेगा, वरना हम भी अस्तित्वविहीन हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस एकता का मतलब यह भी नहीं कि हम किसी दूसरी बिरादरी के विरोधी हैं। हम तो हमेशा से सबको साथ लेकर चलने में विश्वास करते हैं, लेकिन पहले घर का विकास करके ही हम देश के विकास की सोच रख सकते हैं।



