MP खंडेलवाल ने दुर्लभ बीमारी के इलाज के लिए PM को लिखा पत्र

दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी LAMA2-CMD के इलाज के लिए सरकार से विशेष नीति और तुरंत कदम उठाने की मांग की है।

Share This Article:

नई दिल्ली: दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी LAMA2-CMD (Congenital Muscular Dystrophy) के इलाज के लिए सरकार से विशेष नीति और तुरंत कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि इस बीमारी से जूझ रहे बच्चों की मदद के लिए सरकारी स्तर पर विशेष योजना बनाई जाए ताकि उन्हें सही इलाज और सहयोग मिल सके।

क्या है LAMA2-CMD बीमारी

LAMA2-CMD दुनिया की सबसे दुर्लभ और भयावह जेनेटिक बीमारियों में से एक है, जो नवजात और छोटे बच्चों को प्रभावित करती है और धीरे-धीरे उनकी चलने, हिलने–डुलने और यहां तक कि सांस लेने की क्षमता को भी छीन लेती है। खंडेलवाल के संसदीय क्षेत्र की एक 20 महीने की बच्ची इस भयंकर बीमारी से जूझ रही है, जिसका इस समय दुनिया में कहीं भी कोई उपचार नहीं है। अब तक देश भर में लगभग 60 बच्चों की पहचान हुई है, जो इसी बीमारी से लड़ रहे हैं।

स्वास्थ्य नवाचार में विश्व का नेतृत्व

अपने पत्र में खंडेलवाल ने लिखा कि भारत आज फिर एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है जहाँ वह स्वास्थ्य नवाचार के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर सकता है। ठीक वैसे ही जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और अटूट संकल्प से भारत ने अपनी वैक्सीन बनाकर पूरी मानवता को आशा दी थी। उन्होंने जापान की Modalis Therapeutics नामक बायोटेक कंपनी की हालिया खोज का उल्लेख किया, जिसने CRISPR आधारित जीन एडिटिंग थेरेपी विकसित की है जो LAMA2-CMD के लिए अत्यंत आशाजनक मानी जा रही है।

ये भी पढ़ें-2027 के अंत तक खत्म होगा गाजीपुर कूड़े का पहाड़

मिले स्वीकृति

खंडेलवाल ने ज़ोर देते हुए कहा कि यदि सरकार शीघ्र और निर्णायक कदम उठाती है तो भारत दुनिया का पहला देश बन सकता है जो इस थेरेपी के मानव परीक्षण शुरू करेगा, जिससे भारत के 60 से अधिक परिवारों को जीवन की नई उम्मीद मिलेगी और दुनिया भर के हज़ारों बच्चों के लिए नई दिशा बनेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि न्यू ड्रग्स एंड क्लिनिकल ट्रायल्स रूल्स, 2019 के तहत मानव परीक्षण (clinical trial) के लिए त्वरित स्वीकृति प्रदान की जाए।

Pooja Thakur

pt37557@gmail.com

मीडिया की दुनिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय। वर्तमान में Newg India में बतौर कंटेंट राइटर और मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर काम कर रही हूं, जहां हर कहानी को एक नए नजरिए से पेश करने की कोशिश करती हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.