ट्रंप के टैरिफ वार के बाद कनाडा का नया प्लान, भारत से बढ़ाएगा हाथ!

अमेरिकी टैरिफ नीतियों के बाद कनाडा ने अपनी आर्थिक दिशा बदली है। पीएम मार्क कार्नी ने कहा कि देश अब एशिया पैसिफिक देशों, खासकर भारत के साथ रिश्ते मजबूत करेगा।

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नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा लगाए गए व्यापारिक टैरिफ के असर से अब कनाडा (Canada Trade Policy) भी अछूता नहीं रह गया है। पिछले सप्ताह ट्रंप प्रशासन ने कनाडा के साथ चल रही सभी ट्रेड वार्ताओं को रद्द कर दिया था। इसके बाद अब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) ने बड़ा बयान देते हुए संकेत दिया है कि देश अपनी आर्थिक दिशा में बड़ा बदलाव करने जा रहा है।

कार्नी ने कहा कि कनाडा अब अपनी साझेदारी एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के देशों के साथ मजबूत करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका (US-Canada Relations) पर अत्यधिक निर्भरता खत्म करने के लिए कनाडा नई साझेदारियों की खोज में है, और भारत इसमें एक अहम भागीदार बन सकता है।

एशिया पैसिफिक पर कनाडा की नजर

दक्षिण कोरिया में आयोजित एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कॉपरेशन (APEC) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा अब अपनी विदेश नीति का फोकस एशिया पैसिफिक क्षेत्र पर करेगा। उनके अनुसार, “दुनिया की अर्थव्यवस्था का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा इस क्षेत्र से आता है। ऐसे में, यदि हमें अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है, तो एशिया से बेहतर कोई विकल्प नहीं है।”

कई देशों से मुक्त व्यापार समझौते की तैयारी

कार्नी ने बताया कि कनाडा इंडोनेशिया के साथ मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर चर्चा कर रहा है। इसके अलावा फिलीपींस, थाईलैंड और चीन के साथ भी वार्ताएं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यह नई साझेदारियां न केवल कनाडा की आर्थिक वृद्धि को गति देंगी, बल्कि उसे अमेरिकी टैरिफ नीतियों से मिलने वाले झटकों से भी बचाएंगी।

भारत के साथ रिश्तों पर जोर

भारत का (India Relations) उल्लेख करते हुए कार्नी ने कहा, “भारत के साथ हमारे संबंध लगातार बेहतर हो रहे हैं। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेरी अभी तक सीधी मुलाकात नहीं हुई है, लेकिन हमारे विदेश मंत्री और अन्य अधिकारी आपस में संवाद बनाए हुए हैं।” कनाडाई पीएम ने यह भी जोड़ा कि भारत के साथ व्यापारिक और तकनीकी सहयोग दोनों ही क्षेत्रों में बड़े अवसर हैं।

अमेरिका पर निर्भरता घटाने की रणनीति

कार्नी ने स्वीकार किया कि अमेरिका से अलग आर्थिक रास्ता अपनाना आसान नहीं होगा, लेकिन उन्होंने कहा कि कनाडा इस दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। उनके अनुसार, “यह बदलाव रातोंरात संभव नहीं है, मगर हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में कनाडा की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक साझेदारियां अधिक विविध और स्थिर बनें।”

अमेरिका की सख्त व्यापार नीतियों ने कनाडा को नई दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब एशिया पैसिफिक क्षेत्र, विशेष रूप से भारत जैसे देशों के साथ संबंध मजबूत करना, कनाडा की प्राथमिकता बन गया है। यह बदलाव आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।

Sakshi Pal

sakshipal8700@gmail.com

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