नई दिल्ली: देश के अग्रणी वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और विशेषज्ञों के राष्ट्रीय सम्मेलन “माइक्रोकॉन 2025” (MICROCON 2025) का आयोजन नई दिल्ली के अशोका होटल में हुआ। क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी, संक्रमण नियंत्रण और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति पर फोकस इस पांच दिवसीय आयोजन का शुभारंभ दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने किया था। इस सम्मेलन का आयोजन इंडियन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स (IAMM) द्वारा (29 अक्टूबर से 2 नवम्बर 2025) तक किया गया था।
“द वैक्सीन वॉर” की हुई चर्चा
DU कुलपति प्रो योगेश सिंह ने अपने संबोधन में कोविड-19 महामारी के दौरान माइक्रोबायोलॉजी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उसके लिए हम सब आभारी हैं। कुलपति ने 2023 में रिलीज हुई फिल्म “द वैक्सीन वॉर” का जिक्र करते हुए कहा कि इस फिल्म में दिखाया गया है कि मीडिया में यह नेरेटिव सेट किया गया था कि भारत वैक्सीन नहीं बना सकता, लेकिन हमने इसे कर दिखाया। यह भारत के गर्व की कहानी है। कुलपति ने कहा कि भारत को अपने चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसरों पर गर्व है, जिन्होंने उस कठिन समय में यह कर दिखाया।
1800 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया भाग
सम्मेलन के आयोजक अध्यक्ष डॉ. चाँद वाट्टल ने बताया कि इस सम्मेलन में देशभर के 150 से अधिक संस्थानों से आए 1800 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें AIIMS, PGIMER, JIPMER और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) सहित प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा 26 से अधिक कार्यशालाएँ और निरंतर चिकित्सा शिक्षा सत्र (CME) आयोजित किए गए। सम्मेलन की वैज्ञानिक रूपरेखा में उभरते संक्रामक रोग, एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR), डायग्नोस्टिक इनोवेशन, संक्रमण की रोकथाम, और भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों की तैयारी जैसे विषय शामिल रहे।
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माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स है भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा की रीढ़
आयोजन अध्यक्ष डॉ. चाँद वाट्टल और डॉ. सोनल सक्सेना ने कहा कि माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा की रीढ़ हैं, जो सटीक निदान सुनिश्चित करते हैं, उपचार का मार्गदर्शन देते हैं और संक्रमण के प्रसार को रोकते हैं।
सम्मेलन में डायग्नोस्टिक स्टीवार्डशिप और एंटीमाइक्रोबियल स्टीवार्डशिप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए जो रोगों के सटीक निदान, संक्रमण की रोकथाम और एंटीबायोटिक दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करते हैं।



