नई दिल्ली: गोवा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में शनिवार को विश्व शतरंज प्रतियोगिता फिडे वर्ल्ड कप 2025 (FIDE World Cup 2025) का भव्य उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया भर के शतरंज खिलाड़ियों को पूरे जोश, जुनून और खेल भावना के साथ खेलने का संदेश भेजा। उन्होंने कहा कि जब शतरंज विश्व कप अपने “घर” भारत लौटा है, तो ऐसा लगता है मानो यह खेल अपनी जड़ों की ओर वापस आया हो।
भारत बन रहा है वैश्विक खेल आयोजनों का केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत अब विश्व के प्रमुख खेल आयोजनों का केंद्र बनता जा रहा है, जो न केवल देश बल्कि पूरे विश्व के लिए शुभ संकेत है। प्रधानमंत्री का संदेश गोवा में आयोजित उद्घाटन समारोह में अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (AICF) के अध्यक्ष नितिन नारंग ने मंच से पढ़ा।
भारतीय खिलाड़ियों के लिए बड़ा मौका
नितिन नारंग, जो हरियाणा के करनाल से हैं, ने बताया कि इस बार भारत में वर्ल्ड कप का आयोजन हमारे खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा कि सीधे क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों के अलावा भारत को पांच अतिरिक्त वाइल्ड कार्ड भी मिले हैं। इससे भारतीय भागीदारी 24 खिलाड़ियों तक पहुंच गई है — जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अगर इनमें से कोई खिलाड़ी 26 नवंबर को यह प्रतिष्ठित कप जीतता है, तो यह भारत के लिए ऐतिहासिक पल होगा।
‘विश्वनाथन आनंद कप’ के नाम से जानी जाएगी ट्रॉफी
फिडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी का नाम भारत के पहले विश्व शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद के नाम पर रखा गया है। ‘विश्वनाथन आनंद कप’ नाम की यह ट्रॉफी पीतल से बनी है और उस पर सुनहरी परत चढ़ी हुई है। यह ट्रॉफी समर्पण, सटीकता और दृढ़ता के प्रतीक के रूप में तैयार की गई है — वही गुण जो आनंद के करियर को परिभाषित करते हैं।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, फिडे अध्यक्ष आर्कादी द्वोर्कोविच, और कई ग्रैंडमास्टर्स मौजूद रहे।
23 साल बाद भारत में लौटा विश्व कप
फिडे अध्यक्ष आर्कादी द्वोर्कोविच (Arkady Dvorkovich) ने कहा कि 23 साल बाद विश्व कप का भारत लौटना बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा, “भारत न केवल शतरंज की जन्मभूमि है, बल्कि आज यह आधुनिक विश्व की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है।”
महिला ग्रैंडमास्टर ने चुने शुरुआती रंग
महिला विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख ने ड्रॉ ऑफ कलर्स समारोह में खिलाड़ियों के लिए शुरुआती रंग चुने। उन्होंने शीर्ष भारतीय खिलाड़ी डी गुकेश के लिए ब्लैक रंग चुना, जिसके चलते सभी विषम संख्या वाले खिलाड़ी पहले दौर में ब्लैक पीसेज़ से शुरुआत कर रहे हैं।
भारत के 90 ग्रैंडमास्टर – एक नई ऊंचाई
नितिन नारंग ने बताया कि जब भारत ने पिछली बार फिडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी, तब देश में 10 से भी कम ग्रैंडमास्टर थे। आज भारत के पास 90 ग्रैंडमास्टर हैं और वह ओलंपियाड के ओपन व महिला दोनों वर्गों में चैंपियन है।
टूर्नामेंट का प्रारूप और भारतीय उम्मीदें
टूर्नामेंट के अनुसार शीर्ष 50 खिलाड़ियों को पहले दौर में बाई दी गई है। भारत की ओर से मौजूदा वर्ल्ड जूनियर चैंपियन प्रणव वी पहले दौर में अल्जीरिया के अला एद्दीन बोलरेंस से भिड़ेंगे। वहीं शीर्ष वरीय डी गुकेश, अर्जुन एरिगैसी, और पिछले संस्करण के उपविजेता आर प्रज्ञानानंद अपने अभियान की शुरुआत 4 नवंबर से करेंगे। इस रोमांचक आयोजन का सीधा प्रसारण फिडे के यूट्यूब चैनल पर किया जा रहा है।



