नईं दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नवंबर को नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राजत महोत्सव को संबोधित करते हुए राज्य के 25 वर्ष पूरे होने पर सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 25 साल पहले छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा देकर विकास का बीज बोया था, जो आज विशाल वटवृक्ष बन चुका है। पीएम ने बताया कि वे स्वयं पार्टी कार्यकर्ता के रूप में राज्य गठन से पहले की स्थिति के साक्षी रहे हैं और पिछले 25 वर्षों की यात्रा देखकर गर्व महसूस करते हैं।
₹14,260 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ
पीएम ने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में ₹14,260 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें पथलगांव-कुंकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा तक चार लेन ग्रीनफील्ड हाइवे (₹3,150 करोड़), नागपुर-झारसुगुड़ा गैस पाइपलाइन (₹1,950 करोड़), रायपुर में HPCL पेट्रोलियम डिपो (₹460 करोड़) और नौ नए पावर सबस्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा, जनजातीय क्षेत्रों में NH-130D और NH-130C के उन्नयन से दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी। पीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों में 3.51 लाख पूर्ण घरों का गृह प्रवेश और PMAY-ग्रामीण के तहत ₹1,200 करोड़ की किस्त जारी की।
स्वास्थ्य और शिक्षा में क्रांतिकारी कदम
पीएम ने बताया कि 25 साल पहले राज्य में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज 14 हैं और रायपुर में AIIMS भी। पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों (मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, गीदम) और बिलासपुर में आयुर्वेद कॉलेज- अस्पताल की आधारशिला रखी गई। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या 5,500 से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए पक्का मकान, बिजली, गैस और इंटरनेट पहुंचाकर जीवन आसान बनाया जा रहा है।
आदिवासी गौरव और विकास पर जोर
छत्तीसगढ़ की बड़ी आदिवासी आबादी के योगदान को रेखांकित करते हुए पीएम ने शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन किया, जो 150 वर्षों की आदिवासी इतिहास गाथा दर्शाता है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (₹80,000 करोड़) और पीएम-जनमन योजना से हजारों आदिवासी गांवों में विकास पहुंच रहा है। वन धन केंद्रों और तेंदू पत्ता खरीदी से आदिवासियों की आय बढ़ी है।
- इसको भी पढ़ें: सरकारी संचार पर मंथन: विज्ञान को सरल बनाने का आह्वान
माओवाद से मुक्ति का संकल्प
पीएम ने माओवाद के 50-55 वर्षों के दर्द को याद करते हुए कहा कि 2014 से उनकी सरकार ने इसे जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया। पहले 125 जिले प्रभावित थे, अब केवल तीन बचे हैं। हाल ही में कांकेर में 20 और बस्तर में 200 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। बिजापुर के चिलकापल्ली में 70 साल बाद बिजली, अबुझमाड़ में पहली बार स्कूल निर्माण जैसे चमत्कार हो रहे हैं। पीएम ने घोषणा की कि वह दिन दूर नहीं जब छत्तीसगढ़ और पूरा देश माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा।
युवाओं से आह्वान: विकसित छत्तीसगढ़, विकसित भारत
पीएम ने युवाओं से कहा कि आने वाले वर्ष छत्तीसगढ़ के लिए निर्णायक हैं। नक्सलवाद खत्म होने पर विकास की गति और तेज होगी। डॉ. रमन सिंह और मौजूदा सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए पीएम ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को श्रेय दिया। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, सीएम विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।



