बिहार के सियासी रण में अध्यक्षों की प्रतिष्ठा दांव पर

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार आधा दर्जन से अधिक राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्ष भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा महनार से, लोजपा रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी गोविंदगंज से, हम के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार टिकारी से, रालोमो के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मदन चौधरी पारू से चुनाव लड़ रहे हैं।

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल गरम है। इस बार चुनावी जंग केवल प्रत्याशियों तक सीमित नहीं, बल्कि कई राजनीतिक दलों के प्रदेश अध्यक्षों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। जदयू, कांग्रेस, हम, वीआईपी, लोजपा (रामविलास) और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) जैसे दलों के प्रदेश अध्यक्ष मैदान में उतरकर अपनी सियासी साख बचाने और बढ़ाने की कोशिश में हैं।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा वैशाली जिले की महनार सीट से एक बार फिर मैदान में हैं। 2015 में वे इसी सीट से जीत दर्ज किए थे, लेकिन पिछली बार उन्हें राजद की बीना सिंह से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार उनके सामने राजद प्रत्याशी रवीन्द्र कुमार सिंह हैं, जिन्होंने पिछली बार लोजपा से 20 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम औरंगाबाद की कुटुंबा (सुरक्षित) सीट से लगातार तीसरी बार मैदान में हैं। वह पिछली दो बार यह सीट जीत चुके हैं, मगर इस बार हम के ललन राम उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। ललन राम 2010 में इसी सीट से जदयू के टिकट पर विधायक रह चुके हैं।

हम के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार गया की टिकारी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। अनिल पिछले तीन में से दो चुनाव जीत चुके हैं और पिछली बार कांग्रेस के सुमंत कुमार को लगभग तीन हजार वोटों से हराया था। इस बार यह सीट महागठबंधन में राजद के हिस्से में आई है, जिसने अजय दांगी को टिकट दिया है। वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष संतोष सहनी दरभंगा की गौड़ाबोराम सीट से चुनाव मैदान में हैं। पिछली बार यहां वीआईपी के उम्मीदवार स्वर्ण सिंह विजयी रहे थे, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए। इस बार वीआईपी महागठबंधन का हिस्सा है और भाजपा ने सुजीत कुमार सिंह को मैदान में उतारा है।

लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी गोविंदगंज सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, वहीं रालोमो के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मदन चौधरी पारू सीट से मैदान में हैं। महागठबंधन में शामिल नए दल इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) के अध्यक्ष आईपी गुप्ता सहरसा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर भाजपा विधायक आलोक रंजन झा दोबारा मैदान में हैं, जबकि पिछली बार यहां से राजद प्रत्याशी लवली आनंद को 20 हजार वोट से हार का सामना करना पड़ा था। बिहार की सियासत में इस बार कई दलों के प्रदेश अध्यक्षों की प्रतिष्ठा दांव पर है। नतीजे न केवल सीटों का फैसला करेंगे, बल्कि इन नेताओं के राजनीतिक भविष्य की दिशा भी तय करेंगे।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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