नालंदा: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नालंदा में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया और विपक्ष पर तीखे प्रहार किए। शाह ने अपने भाषण की शुरुआत ऐतिहासिक संदर्भ से करते हुए कहा, “100 खिलजी भी आ जाएं तो नालंदा विश्वविद्यालय को हाथ नहीं लगा पाएंगे। बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा के नए युग की शुरुआत होने जा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बिहार को उद्योग और टेक्नोलॉजी का हब बनाने के लिए काम कर रही है। यहां जल्द ही कई कल-कारखाने और एग्रो प्रोसेस इंडस्ट्री शुरू होंगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
माइक बंद हुआ तो भी नहीं रुके शाह
सभा के दौरान जब अमित शाह का माइक अचानक बंद हो गया तो वे तुरंत दूसरे माइक तक पहुंचे। थोड़ी देर बाद जैसे ही पहला माइक चालू हुआ, वे वापस लौट आए और मुस्कुराते हुए बोले, ‘नालंदा के लोगों और हमारे बीच में माइक बाधा नहीं बन सकता। उनके इस जवाब पर भीड़ ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया।
‘लालू-राबड़ी के जमाने में 6 चरण में होते थे चुनाव’
अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि लालू-राबड़ी के शासनकाल में बिहार की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। उन्होंने कहा, ‘उस दौर में कानून-व्यवस्था इतनी बिगड़ी थी कि चुनाव 6 चरणों में कराने पड़ते थे। लेकिन आज नीतीश बाबू के शासन में सिर्फ 2 चरण में चुनाव हो रहे हैं। इस बार एनडीए को पूर्ण बहुमत दो, अगली बार एक ही चरण में चुनाव होंगे। शाह ने कहा कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की जोड़ी ने पिछले दो दशकों में बिहार को अपराध और नक्सलवाद से मुक्त किया है।
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‘लालू के राज में अपहरण उद्योग चलता था’
अमित शाह ने लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में सारे उद्योग बंद थे, ‘लालू के राज में सिर्फ डकैती और अपहरण उद्योग चलता था। पूरा बिहार नरसंहार से जलता था। लेकिन आज नीतीश बाबू ने बिहार को एक अच्छा प्रदेश बनाकर दिखाया है।’
अमित शाह के नालंदा दौरे ने चुनावी माहौल को और गर्मा दिया है। उन्होंने एक ओर बिहार के विकास का रोडमैप पेश किया, वहीं विपक्ष पर हमला बोलते हुए इसे जंगलराज से जोड़ दिया। अब देखना यह है कि जनता किसके वादों और दावों पर भरोसा करती है, विकास के या विरोध के।



