नई दिल्ली: देशभर में कल दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। दिल्लीदेशी माहौल में तैयार ट्यूलिप लुटियन दिल्ली में होंगे आकर्षण का केंद्र में इस बार सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी थी। हालांकि आदेश के खिलाफ रातभर आतिशबाजी हुई है। इसका असर ये हुआ कि दिल्ली-NCR में मंगलवार की सुबह धुंध छाई रही। हवा जहरीली हो गई है।
रेड जोन में AQI
दिल्ली के कई इलाकों में AQI रेड जोन में रिकॉर्ड किया गया है। अक्षरधाम, एम्स, ITO जैसी जगहों पर सुबह 8 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार दर्ज हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB के मुताबिक सोमवार रात AQI 344 के पार पहुंच गया था। द्वारका में वायु गुणवत्ता सूचकांक 417, अशोक विहार में 404, वजीरपुर में 423 और आनंद विहार में 404 रहा। हरियाणा के 15 जिलों में एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर यानी 500 तक रिकॉर्ड हुआ है।
शर्तों की उड़ी धज्जियां
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में दीवाली पर रात 8 बजे से लेकर 10 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी थी। इसके बावजूद लोग देर रात तक पटाखे फोड़ते रहे। 201 से 300 के बीच का AQI बहुत ख़राब और 301 से 500 तक का गंभीर स्तर का माना जाता है।
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SC की क्या थी शर्तें-
- गश्ती दल नियमित रूप से प्रत्येक ग्रीन पटाखा निर्माता का निरीक्षण करेंगे।
- ग्रीन पटाखों के डिब्बों पर लगे क्यूआर कोड वेबसाइट पर अपलोड किए जाएँगे।
- बाहर से एनसीआर क्षेत्र में कोई भी पटाखा लाने की अनुमति नहीं होगी।
- नकली पटाखे पाए जाने पर लाइसेंस रद्द कर दिए जाएँगे।
- 18 अक्टूबर से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की निगरानी की जाएगी।



