भागलपुर भाजपा में बगावत: रोहित पांडे को टिकट, अर्जित चौबे निर्दलीय कूदेंगे!

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले भागलपुर सीट पर भाजपा में बगावत के सुर। रोहित पांडे को टिकट मिलने से नाराज अर्जित चौबे निर्दलीय नामांकन की तैयारी में, समर्थकों ने रसीद कटवाई।

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भागलपुर: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भागलपुर सीट पर भाजपा के भीतर कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी द्वारा रोहित पांडे को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत चौबे ने बागी तेवर अपना लिए हैं। उनके समर्थकों ने निर्वाचित पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचकर नामांकन रसीद कटवा ली है और ऐलान किया है कि अर्जित चौबे 17 अक्टूबर को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करेंगे।

अर्जित चौबे टिकट न मिलने से नाराज

समर्थकों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अर्जित चौबे ने कोरोना काल के दौरान जनता की सक्रिय रूप से मदद की थी और 2020 में टिकट न मिलने के बावजूद वह पार्टी में सक्रिय बने रहे। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उन्हें मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा न होने से वे असंतुष्ट हैं और इसलिए अर्जित चौबे के निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया गया है।

लगातार तीन बार हार चुकी है बीजेपी

गौरतलब है कि अर्जित चौबे ने 2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें लगभग 60,000 वोट मिले थे, लेकिन उस चुनाव में कांग्रेस के अजीत शर्मा विजयी हुए थे। 2020 में भी भाजपा ने रोहित पांडे को टिकट दिया था, और उस बार भी कांग्रेस प्रत्याशी अजीत शर्मा ने जीत दर्ज की थी।

लगातार तीन बार हार का सामना कर चुकी भाजपा को इस बार जीत की पूरी उम्मीद थी, लेकिन अब पार्टी के भीतर पनप रहे ये बगावती सुर उसकी राह मुश्किल कर सकते हैं। अर्जित चौबे के नामांकन की खबरों के बीच, सूत्रों से यह भी पता चला है कि भाजपा नेत्री प्रीति शेखर और नेता प्रशांत विक्रम भी निर्दलीय चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं, हालांकि इन दोनों ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

भाजपा का गढ़ रही है भागलपुर सीट

भागलपुर सीट को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है, जहां 2014 से पहले अर्जित चौबे के पिता अश्विनी चौबे छह बार विधायक रहे थे। ऐसे में, इस मजबूत गढ़ में लगातार हार के बाद, अब पार्टी के अंदरूनी विवाद के कारण मुकाबला एक बार फिर कांटे का होने की संभावना है। अर्जित चौबे के निर्दलीय मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है और इसका सीधा असर भाजपा की चुनावी रणनीति पर पड़ना तय है।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

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