नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों में जल्द ही उपचुनाव होंगे। राज्य चुनाव आयोग ने जिला चुनाव अधिकारियों (DEOs) को चुनावों की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। तैयारी का एक अहम हिस्सा है मतदान केंद्रों की सूची तैयार करना और उसे सरकारी वेबसाइटों पर डालना। ऐसा इसलिए ताकि आम लोग अपनी राय दे सकें और कोई यदि आपत्ति हो तो उसको साझाा कर सकें।
इन वार्डों में होंगे उपचुनाव
राज्य चुनाव आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे मुंडका (सामान्य), शालीमार बाग-बी (महिला), अशोक विहार (महिला), चांदनी चौक (सामान्य), चाँदनी महल (सामान्य), द्वारका बी (महिला), दिचाऊं कलां (महिला), नारायणा (सामान्य), संगमविहार-एक (सामान्य), दक्षिण पुरी (एससी), ग्रेटर कैलाश वुमन, विनोद नगर (सामान्य) वार्डों के मतदान केंद्रों को 13 अक्टूबर तक अंतिम रूप दे दें। आम जनता से सुझाव/आपत्तियाँ आमंत्रित करते हुए एक सार्वजनिक सूचना भी जारी की गई है।
आयोग ने इन उपचुनावों के संचालन के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), सामान्य पर्यवेक्षक, रिटर्निंग अधिकारी (आरओ), सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) आदि के रूप में दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों को नियुक्त किया है। आयोग उपचुनावों के सुचारू संचालन की निगरानी और सुनिश्चित करने के लिए व्यय पर्यवेक्षकों को भी तैनात करेगा। आईटी कर्मियों सहित चुनाव कर्मियों का गहन प्रशिक्षण कुछ और दिनों तक जारी रहेगा।
दिव्यांगजनों व बुजुर्गों को पिक-अप और ड्रॉप सुविधाएँ मिलेंगी
आयोग “निगम चुनाव दिल्ली” मोबाइल ऐप के माध्यम से दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों (85 वर्ष से अधिक) के लिए व्हीलचेयर के लिए ऑनलाइन अनुरोध, सहायता के लिए अनुरोध और पिक-अप और ड्रॉप जैसी सुविधाएँ प्रदान करेगा। आगामी उपचुनावों से संबंधित सभी अनुमति संबंधी गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने के लिए आयोग एक एकल खिड़की अनुमति पोर्टल शुरू करेगा। यह पोर्टल शिकायतों के निपटान में भी सहायता करेगा।
उपचुनावों के सुचारू संचालन हेतु सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए आज दिल्ली के पुलिस आयुक्त के साथ भी एक बैठक हुई। आयोग जल्द ही दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव के साथ एक बैठक करेगा ताकि उपचुनावों को जल्द से जल्द सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। आयोग त्योहारों, परीक्षाओं, स्थानीय रसद और कानून-व्यवस्था संबंधी विचारों की गहन समीक्षा के बाद चुनाव कार्यक्रम निर्धारित करेगा।



