AI: 60% संस्थानों में AI टूल्स उपयोग करने की अनुमति

भारत की 60% यूनिवर्सिटी और कॉलेज AI टूल्स अपना रहे हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों का अनुभव बेहतर हो रहा है। हालांकि, डेटा प्राइवेसी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियां बनी हुई हैं।

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नई दिल्ली: भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से बदलाव ला रहा है। देश के बड़े विश्वविद्यालय और कॉलेज AI टूल्स को अपनाकर शिक्षण, मूल्यांकन और प्रशासन को और स्मार्ट बना रहे हैं। हाल ही की एक रिपोर्ट के अनुसार, 60% से अधिक उच्च शिक्षा संस्थान छात्रों को प्रोजेक्ट्स और असाइनमेंट्स में AI टूल्स का उपयोग करने की अनुमति दे रहे हैं, जबकि 50% से ज्यादा शिक्षण सामग्री तैयार करने के लिए AI का सहारा ले रहे हैं। यह तकनीक न केवल शिक्षण को आसान बना रही है, बल्कि छात्रों को व्यक्तिगत और प्रभावी लर्निंग अनुभव भी दे रही है।

AI टूल्स का विविध उपयोग

AI का उपयोग शिक्षा के हर पहलू में दिख रहा है। 40% संस्थान AI-आधारित चैटबॉट्स और ट्यूटरिंग सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं, जो छात्रों के सवालों का तुरंत जवाब देते हैं। 39% संस्थानों ने एडैप्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म अपनाए हैं, जो प्रत्येक छात्र की जरूरतों के हिसाब से पढ़ाई को अनुकूलित करते हैं। इसके अलावा, 38% कॉलेज और यूनिवर्सिटी ऑटोमैटिक ग्रेडिंग सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कॉपियों की जांच तेज और सटीक हो रही है। नकल पकड़ने (प्लेजरिज्म डिटेक्शन), करियर गाइडेंस और पाठ्यक्रम डिजाइन में भी AI की भूमिका बढ़ रही है।

चुनौतियां और सुझाव

AI के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा प्राइवेसी एक बड़ी चिंता है। AI सिस्टम छात्रों की जानकारी, जैसे उनकी ऑनलाइन गतिविधियां और बायोमेट्रिक डेटा, स्टोर करते हैं, जिससे डेटा लीक का खतरा रहता है। इस चुनौती से निपटने के लिए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और गोपनीयता नीतियों की जरूरत है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सभी पाठ्यक्रमों में AI साक्षरता को शामिल किया जाए। STEM छात्रों को मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग जैसे विषय पढ़ाए जाएं। साथ ही, शिक्षकों को AI टूल्स की ट्रेनिंग और संस्थानों में मजबूत गवर्नेंस फ्रेमवर्क की आवश्यकता है।

भविष्य की राह

AI भारत की उच्च शिक्षा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का मौका दे रहा है। अगर इसे सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो यह शिक्षा को अधिक समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बना सकता है। डिजिटल ढांचे को मजबूत करने और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने से भारत AI क्रांति में अग्रणी बन सकता है।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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