मायावती ने 9 साल बाद दिखायी ताकत, सपा के खिलाफ रहीं ज्यादा हमलावर

नौ साल बाद बसपा प्रमुख मायावती ने ताकत दिखायी। पांच राज्यों से पहुंचे कार्यकर्ताओं में खूब उत्साह दिखा। रैली के कारण दस किमी तक लंबा जाम लगा रहा। डेढ़ लाख की क्षमता वाले रमाबाई अंबेडकर स्थल खचाखच भरा रहा। आसपास की सड़कों पर भी लोग जमे रहे।

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लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती ने नौ साल बाद कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस के बहाने लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन किया। यह रैली में पांच राज्यों से लाखों समर्थक पहुंचे और पूरी राजनधानी की सड़क नीले झंडे, पोस्टर और बैनर से पटे रहे। इस अवसर पर मायावती ने लंबा भाषण दिया। एक घंटे तक दिये गये भाषण में उनके निशाने पर सबसे ज्यादा सपा रही। वहीं योगी सरकार की तारिफ भी की। चंद्रशेखर और कांग्रेस को भी आड़े हाथों लेते हुए निशाना साधा।
इस आयोजन के लिए जिलावार और विधानसभावार कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थी। रमाबाई अंबेडकर स्थल पर पार्टी कार्यकर्ताओं के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। रैली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। वहां रैली के लिए पहुंचे लोगों के कारण 10 किलोमीटर तक लंबा जाम लगा रहा। डेढ़ लाख लोगों की क्षमता वाला कांशीराम स्मारक पूरी तरह से भरा हुआ था। इसके अलावा अलग-अलग सड़कों पर भी भीड़ लगी रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पांच हजार जवान तैनात थे। इसके दो हजार से ज्यादा बसपा के वालंटियर भी लगाये गये थे।

सपा को सत्ता के बाद पीडीए नहीं रहता याद

मायावती ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ हमला करते हुए कहा कि सपा को जब सत्ता मिल जाती है तब उसे पीडीए याद नहीं आता। वह सिर्फ कुर्सी के लिए पीडीए को याद करती है। हकीकत में सपा को कभी बहुजन के हितों की चिंता ही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जनता अब इनके दोगले और स्वार्थी रवैये को समझ चुकी है। सपा सरकार ने हमेशा आरक्षण के मामले में पक्षपात किया। पदोन्‍नति में आरक्षण को तो लगभग खत्‍म ही कर दिया गया। सपा सरकार ने गुंडों, माफियाओं और अराजक तत्‍वों को खुला संरक्षण दिया। आज वही हालात हमें बीजेपी सरकार में भी देखने को मिल रहे हैं।

आजम का भी किया जिक्र

मायावती ने बिना नाम लिए इशारों में आजम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 9 अक्‍टूबर के कार्यक्रम की घोषणा होते ही पिछले महीने से अफवाह उड़ाई जा रही है कि दूसरी पार्टियों के वरिष्‍ठ नेता उनकी ओर रुख कर रहे हैं। वे दिल्‍ली और लखनऊ में मायावती से मिले हैं। मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है। है। मैं कभी छिपकर नहीं मिलती। मिलना तो बहुत दूर की बात है। जब मिलती हूं तो खुलकर मिलती हूं।

अखिलेश ने भी बिना नाम लिये साधा निशाना

मायावती की रैली खत्म होते ही अखिलेश यादव ने भी एक्स हैंडल से बिना नाम लिए शायराना अंदाज में हमला बोला। उन्होंने इसमें बसपा के साथ भाजपा को भी घसीट लिया। अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट में लिखा, ‘क्योंकि ‘उनकी’ अंदरूनी साँठगाँठ है जारी, इसीलिए वो हैं ज़ुल्मकरनेवालों के आभारी’। जाहिर है, अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए इशारों-इशारों में एक तरफ बीजेपी के साथ मायावती की सांठगांठ का आरोप लगाया और दूसरी तरफ सीएम योगी पर भी हमला बोल दिया।

बसपा ने अपने दम पर बनायी थी सरकार

मायावती ने कहा कि दलित और पिछड़े वर्ग की अधिक आबादी वाले प्रदेशों में कांशीराम जी की दिली इच्छा सरकार बनाने की थी। हालांकि उनका ये सपना उनके जीवनकाल में नहीं पूरा हो पाया। 2007 में हमने पहली बार यूपी में बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। इससे पहले तीन बार हम गठबंधन की सरकारों का हिस्‍सा रहे हैं।

बसपा 2027 में नहीं करेगी किसी से गठबंधन

मायावती ने आज साफ कर दिया कि वे किसी से गठबंधन करने नहीं जा रही हैं। वे 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन में चुनाव लड़ने पर बसपा को कभी विशेष फायदा नहीं हुआ। हमारे वोट दूसरे दलों को ट्रांसफर हो जाते हैं पर फारवर्ड वोट कभी बसपा को नहीं मिलते। 2012 में हमने अकेले लड़ा तो अपने दम पर यूपी में सरकार बनाने में सफलता हासिल की थी।

बाबा साहेब को आगे बढ़ने का नहीं दिया मौका

मायावती ने कांग्रेस से सवाल पूछा कि उसने बाबा साहेब को भारत रत्‍न क्‍यों नहीं दिया। कांग्रेस सरकार से कभी दलितों को न्‍याय नहीं मिला। वह शुरु से ही दलित विरोधी रही। बाबा साहेब को कभी उसने आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया। दलितों के वोट बांटने की साजिश हो रही है। सबने मिलकर बसपा को हराया था।
लखनऊ के स्मारकों के रख-रखाव का उठाया मुद्दा

मायावती ने सपा और कांग्रेस के बाद बीजेपी पर भी हमला बोला। मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार ने कई योजनाओं की शुरुआत की है, लेकिन उनका वास्‍तविक लाभ जमीनी स्‍तर तक नहीं पहुंचता। बसपा प्रमुख ने अपने संबोधन में लखनऊ के स्‍मारकों और पार्कों के रखरखाव का मुद्दा उठाया। उन्‍होंने जब उनकी सरकार में कांशीराम जी के सम्‍मान में यह स्‍मारक स्‍थल बनवाए थे तो टिकट की व्‍यवस्‍था की गई थी। इस पैसे को स्‍मारक स्‍थल के रखरखाव पर खर्च किया जाना था। जब सपा सरकार आई तो टिकट के पैसे को बिल्‍कुल नहीं खर्च किया।

दलित समाज को बांटने की हो रही साजिश

मायावती ने कहा कि आज ईवीएम का विरोध हो रहा है। भविष्‍य में फिर बैलट से चुनाव हो सकते हैं। धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी जातिवादी पार्टियां अंदर से एक हैं। दलित समाज को बांटने की साजिश की जा रही है।

जनसैलाब देखकर गदगद हुईं मायावती

इससे पहले मायावती ने रमाबाई अंबेडकर मैदान में उपस्थित अपार जनसमूह का आभार जताया। उन्‍होंने कहा कि जनता ने जबरदस्‍त समर्थन दिखाया है। आज का जनसमूह यह दिखाता है कि हमने पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पार्टी आपकी आभारी है और हम इस समर्थन को बेकार नहीं जाने देंगे।

इस बार यूपी में बसपा सरकार जरूर बनेगी: आकाश आनंद

मायावती के भाषण के बाद उनके भतीजे आकाश आनंद ने भी उपस्थित जनसमर्थकों को संबोधित किया। उन्‍होंने कहा कि इस बार यूपी में पांचवीं बार सर्वजन हिताया और सुखाय अकेले ही सरकार बनने जा रही है। इसकी आज यूपी की जनता को बेहद जरूरत है। हमें बसपा को सत्‍ता में लाना है तभी बाबा साहेब के आरक्षण लाभों का पूरा लाभ वंचितों को मिल सकता है। यह कांशीराम जी के प्रति हम सबकी सच्‍ची श्रद्धांजलि भी होगी।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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