एनडीए में सीट शेयरिंग पर घमासान, उपेंद्र कुशवाहा ने BJP को सौंपी लिस्ट

बिहार एनडीए में सीट बंटवारे की जंग अभी थमी नहीं है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने भी भाजपा के सामने दो दर्जन सीटों की सूची पेश कर दी है। जिस पर अब अंतिम निर्णय भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को लेना है।

Share This Article:

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है। एक तरफ चिराग पासवान 35 से 40 सीटों की मांग पर अड़े हैं, वहीं अब राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने भी भाजपा के सामने दो दर्जन सीटों की सूची पेश कर दी है। जिस पर अब अंतिम निर्णय भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को लेना है।

कुशवाहा की नजर किन सीटों पर

उपेंद्र कुशवाहा ने जिन सीटों की मांग की है, उनमें मधुबनी, उजियारपुर, महुआ, दिनारा, सासाराम, ओबरा और कुर्था प्रमुख हैं।
इन्हीं सीटों पर कुशवाहा का सबसे ज्यादा राजनीतिक फोकस है। इसके अलावा लिस्ट में शामिल अन्य सीटें हैं। जैसे गोह, सुल्तानगंज, शेखपुरा, बाजपट्टी समेत लगभग 24 विधानसभा सीटें। सूत्रों ने बताया कि कुशवाहा इन सीटों को अपने संगठन और जातिगत समीकरण के लिहाज से “विनिंग सीट” मानते हैं।

भाजपा के लिए नई चुनौती

एनडीए में पहले से ही सीट बंटवारे को लेकर चिराग पासवान और जीतन राम मांझी अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अब कुशवाहा की इस दो दर्जन सीटों की लिस्ट ने भाजपा की सीट समायोजन प्रक्रिया को और जटिल बना दिया है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार —हर सहयोगी दल की अपनी अपेक्षाएं हैं, लेकिन अंतिम फैसला जीत और गठबंधन की मजबूती को ध्यान में रखकर होगा।

RLM का फोकस मगध और शाहाबाद

उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी मगध और शाहाबाद क्षेत्र पर खास फोकस कर रही है। इन इलाकों में कुशवाहा समाज की मजबूत पकड़ है, और यही कारण है कि RLM इन क्षेत्रों से ज्यादा सीटें चाहती है। कुशवाहा का मानना है कि अगर इन इलाकों में
उनकी पार्टी को उचित प्रतिनिधित्व मिलता है, तो एनडीए के ओबीसी वोट बैंक को और मजबूती मिलेगी।

एनडीए में सीट बंटवारे पर अब फैसला कब !

भाजपा, जदयू, हम, लोजपा (रामविलास) और अब RLM इन सभी सहयोगी दलों की सीटों पर सहमति अभी तक नहीं बन पाई है। सूत्र बताते हैं कि एनडीए नेतृत्व अगले 7 से 10 दिनों में सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा कर सकता है। देखना है कि भाजपा सभी सहयोगियों को संतुष्ट कर पाएगी या या बंटवारे का यह पेंच नया संकट बन जाएगा?

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

https://x.com/DjSanjayrai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.