पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है, लेकिन एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अभी भी हलचल जारी है। इस बार गठबंधन के अंदर कई मुद्दों ने स्थिति को जटिल बना दिया है। चिराग पासवान 40 सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं, जिसके कारण किस दल के पाले में कितनी सीट आएंगी इसका फॉर्मूला अभी तक तय नहीं हो पाया। वहीं, जीतन राम मांझी ने भी 25 से 30 सीटों पर दावा ठोक दिया है, जो भाजपा के लिए एक चुनौती बन गई है।
एनडीए में सीटों का संभावित बंटवारा इस प्रकार हो सकता है
भाजपा 103 और जदयू 103 सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं। इसके अलावा 37 सीटें सहयोगी दलों राष्ट्रीय जनता दल (आरएम), जीतन राम मांझी की पार्टी (हम) और चिराग पासवान की पार्टी (एलजेपी) को दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एनडीए के शीर्ष नेतृत्व को ही तय करना होगा कि किसे कितनी सीट दी जाएगी। इसी बीच, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी भी कुछ क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार, भाजपा ने 40 वर्तमान विधायकों के टिकट फाइनल कर दिए हैं। हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत अभी पूरी तरह से अंतिम रूप नहीं ले पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा अगले 12 दिनों में ही स्पष्ट हो जाएगा, ताकि एनडीए गठबंधन चुनाव मैदान में मजबूती से ताल ठोंक सके।



