नई दिल्ली: भारत की युवा बैडमिंटन स्टार श्रेयांशी वालीशेट्टी (Shreyanshi Valisetti) ने रविवार को एक यादगार उपलब्धि हासिल की। उन्होंने अल ऐन मास्टर्स 2025 (Al Ain Masters 2025) के महिला एकल फाइनल में अपने ही देश की खिलाड़ी तस्नीम मीर (Tasnim Mir) को हराकर करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 100 (BWF Super 100) खिताब अपने नाम किया।
रोमांचक फाइनल में पलटी बाजी
यूएई में खेले गए इस रोमांचक फाइनल में श्रेयांशी (Shreyanshi Valisetti) ने शानदार वापसी करते हुए तीन गेम तक चले मुकाबले को 15-21, 22-20, 21-7 से अपने नाम किया। पुलेला गोपीचंद अकादमी में प्रशिक्षण ले रहीं 18 वर्षीय तेलंगाना की इस खिलाड़ी ने पहला गेम हारने के बाद गजब का संयम और आत्मविश्वास दिखाया। 49 मिनट तक चले इस मुकाबले में उन्होंने साबित कर दिया कि वह भारतीय बैडमिंटन का उभरता हुआ भविष्य हैं।
“मैं नर्वस नहीं थी, बस शांत रहना चाहती थी” — श्रेयांशी वालीशेट्टी
जीत के बाद श्रेयांशी ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, “आज का दिन आसान नहीं था। मैंने शुरुआत में कुछ गलतियां कीं, लेकिन मैं नर्वस नहीं थी। मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती थी क्योंकि इस साल मैं कई फाइनल मैच हार चुकी थी। मैंने खुद से कहा कि शांत रहना है और जल्दबाजी नहीं करनी।”
उन्होंने आगे बताया कि वह 2013 से गोपीचंद अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। “हम अकादमी में पीवी सिंधू और अन्य सीनियर खिलाड़ियों को अभ्यास करते देखते हैं, जिससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। अब मेरा लक्ष्य अपनी विश्व रैंकिंग में सुधार करना और सुपर 300 टूर्नामेंट में जगह बनाना है।”
पहला गेम गंवाने के बाद दिखाया जज्बा
मुकाबले के शुरुआती गेम में श्रेयांशी ने बढ़त बनाई थी, लेकिन तस्नीम मीर ने शानदार वापसी करते हुए 14-9 की लीड हासिल की और गेम 21-15 से जीत लिया। दूसरे गेम में मुकाबला बेहद कांटे का रहा। श्रेयांशी ने 1-4 से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी की और 17-14 की बढ़त बनाई। तस्नीम ने हालांकि वापसी की कोशिश की, लेकिन श्रेयांशी ने संयम बनाए रखते हुए गेम 22-20 से अपने नाम कर लिया।
तीसरे और निर्णायक गेम में श्रेयांशी का आत्मविश्वास चरम पर था। तस्नीम ने शुरुआती बढ़त जरूर ली, लेकिन उसके बाद श्रेयांशी ने लगातार 15 अंक बनाते हुए मुकाबले को 21-7 से जीत लिया।
भारतीय जोड़ी ने भी किया कमाल
महिला एकल के अलावा भारत के हरिहरन अम्साकरुनन और एम.आर. अर्जुन की जोड़ी ने भी पुरुष युगल वर्ग में खिताब अपने नाम किया। इस जोड़ी ने इंडोनेशिया के रेमंड इंद्र और निकोलस जोआक्विन को सीधे सेटों में 21-17, 21-18 से हराकर भारत का परचम लहराया।
भारत के लिए बड़ी उपलब्धि
श्रेयांशी वालीशेट्टी की यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। युवा खिलाड़ियों में उनकी यह सफलता नई प्रेरणा लेकर आई है। जिस आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने मैच में वापसी की, उसने उन्हें भारत की नई स्टार शटलर के रूप में स्थापित कर दिया है।



