सितंबर 2025 में खाद्य कीमतों का उतार-चढ़ाव: राहत के साथ चुनौतियां

सितंबर 2025 में वैश्विक खाद्य कीमतों में मामूली कमी देखी गई, जिसमें अनाज, दूध और चीनी के दाम गिरे, जबकि मांस की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं।

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नई दिल्ली: सितंबर 2025 में गेहूं की कीमतों में लगातार तीसरे महीने गिरावट दर्ज की गई, जो आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है। रूस, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में अच्छी फसल की उम्मीदों और वैश्विक मांग में कमी ने गेहूं के दामों को नीचे लाया। मक्के की कीमतें भी घटीं, खासकर अमेरिका में भरपूर उत्पादन और अर्जेंटीना के निर्यात कर में छूट के कारण। हालांकि, जौ और ज्वार की कीमतों में वृद्धि देखी गई, जबकि धान की कीमतें 0.5% कम हुईं, मुख्य रूप से इंडिका चावल की मांग में कमी के चलते। अनाज मूल्य सूचकांक 105 अंक पर रहा, जो पिछले साल की तुलना में 7.5% कम है।

डेयरी उत्पादों में नरमी

डेयरी उत्पादों की कीमतों में सितंबर में 2.6% की कमी आई, जिसमें मक्खन की कीमतें 7% तक गिरीं। इसका कारण उत्तरी गोलार्ध में आइसक्रीम की मांग में कमी और न्यूजीलैंड में उत्पादन बढ़ने की संभावना रही। स्किम मिल्क पाउडर और होल मिल्क पाउडर के दाम भी क्रमशः 4.3% और 3.1% कम हुए, जबकि पनीर की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई। डेयरी मूल्य सूचकांक 148.3 अंक पर रहा, जो पिछले साल से 9% अधिक है, लेकिन लगातार तीसरे महीने गिरावट में रहा।

चीनी की कीमतें चार साल के निचले स्तर पर

चीनी की कीमतों में सितंबर में 4.1% की गिरावट दर्ज की गई, जो मार्च 2021 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। ब्राजील में अपेक्षित से अधिक उत्पादन और भारत व थाईलैंड में गन्ने की बेहतर फसल की उम्मीदों ने चीनी के दामों को नीचे धकेला। चीनी मूल्य सूचकांक 99.4 अंक पर रहा, जो पिछले साल की तुलना में 21.3% कम है। यह आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है।

वनस्पति तेल में हल्की कमी

वनस्पति तेल की कीमतों में 0.7% की कमी देखी गई, जिसमें पाम और सोयाबीन तेल के दाम कम हुए। मलेशिया में पाम तेल के भंडार में वृद्धि और अर्जेंटीना से सोयाबीन तेल की अधिक आपूर्ति ने कीमतों को नीचे रखा। हालांकि, सूरजमुखी और सरसों तेल की कीमतें बढ़ीं, क्योंकि काले सागर क्षेत्र और यूरोप में आपूर्ति की कमी रही। तेल मूल्य सूचकांक 167.9 अंक पर रहा, जो पिछले साल से 18% अधिक है।

मांस की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर

मांस की कीमतों में 0.7% की वृद्धि हुई, जो रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। मांस मूल्य सूचकांक 127.8 अंक पर रहा, जो पिछले साल की तुलना में 6.6% अधिक है। यह वृद्धि उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि मांस अब महंगा सौदा बन गया है।

वैश्विक अनाज उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद

संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के अनुसार, 2025 में वैश्विक अनाज उत्पादन 297.1 करोड़ टन होने की संभावना है, जो पिछले साल से 3.8% अधिक है। यह 2013 के बाद सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि होगी, जो भविष्य में अनाज की कीमतों को और स्थिर करने में मदद कर सकती है।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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