Navratri 2025: देशभर में लोग हर्ष-उल्लास के साथ नवरात्रि का पर्व मना रहे हैं। 9 दिनों तक उपवास रखकर भक्तजन मां की अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं। इस दौरान सात्विक भोजन ही करते हैं, जिसमें आलू, कुट्टू का आटा, साबूदाना और सिंघाड़े का आटा शामिल है। व्रत में साबूदाने की खिचड़ी, खीर आदि बनाकर खाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो साबूदाना आप खा रहे हैं, वो असली है या नकली।
नवरात्रि में साबूदाने की खपत बढ़ जाती है, इस कारण मार्केट में इसकी डिमांड बढ़ जाती है। दुकानदार मिलावटी साबूदाना भी बेच देते हैं। नकली साबूदाने से व्रत के दौरान सेहत बिगड़ सकती है। आइये जानते हैं हम असली साबूदाने की पहचान कैसे करेंगे? इस आर्टिकल के माध्यम से आप नकली और असली साबूदाने की पहचान आसानी से कर पाएंगे।

पानी में उबालकर देखें
असली साबूदाना ऑफ व्हाइट दिखेगा और यह ट्रांसपेरेंट होता है। नकली साबूदाने को फ्रेश और साफ़ सुथरा दिखाने के लिए एकदम सफ़ेद और चमकदार बनाकर बेचते हैं। ऐसे में रंग देखकर आप इसका पता लगा सकते हैं। दूसरा तरीका यह है कि आप साबूदाने को पानी में उबाले। उबालने के बाद अगर यह बहुत ज्यादा चिपचिपा लग रहा तो समझिए कि यह नकली है। क्योंकि असल में साबूदाना पानी में उबलने के बाद भी अलग-अलग रहता है। यह आपको चिपचिपा नहीं दिखेगा।
हाथ पर रगड़ कर करें चेक
साबूदाने की पहचान के लिए अन्य तरीके भी आजमा सकते हैं। इसको हथेली पर रखकर रगड़े। अगर साबूदाना नकली हुआ तो वह रंग छोड़ेगा। हाथों में सफ़ेद पाउडर दिखने लगेगा। असली साबूदाना इस तरह से पाउडर नहीं छोड़ता है। नार्मल पानी में भी डालकर इसे चेक कर सकते हैं। नकली साबूदाना पानी में तैरता रहता है जबकि असली साबूदाना पानी की सतह पर रहता है। साबूदाने को गैस पर जलाकर भी चेक किया सकता है। अगर इससे प्लास्टिक की बदबू आने लगे तो नकली हो सकता है।



