पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी पटना का राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। चुनावी साल में जहां राजनीतिक दल जनता को लुभाने के लिए रैलियों और वादों में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर विभिन्न संविदा और सरकारी योजनाओं से जुड़े कर्मियों का प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा। इसी बीच सोमवार को डायल 112 सेवा से जुड़े चालक कर्मियों ने पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी चालक कर्मियों की मांग है कि उन्हें समान काम के बदले सम्मानजनक वेतन दिया जाए। राज्यकर्मी का दर्जा प्रदान किया जाए और सेवा अवधि के दौरान इंश्योरेंस की सुविधा दी जाए। इसके अलावा उन्होंने मांग रखी कि बिहार सरकार की नौकरियों में डायल 112 कर्मियों को 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि वे 13 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई भी प्रतिनिधिमंडल उनसे नहीं मिला है।
डायल 112 के चालकों की मांग
डायल 112 में चालक समान काम के बदले समान वेतन समेत अन्य मांगों को लेकर डायल 112 के चालक शनिवार से हड़ताल पर हैं। दूसरे दिन रविवार को भी कोई पहल नहीं होने पर हड़ताल जारी रही। चालकों ने बताया कि उन्हें बहाली के समय 25,000 रुपये मासिक वेतन पर नियुक्त किया गया था, लेकिन अब तक मात्र 750 रुपये की वृद्धि हुई है। नियुक्ति के समय कई सुविधाओं का आश्वासन दिया गया था। जैसे घर से 10 से 15 किलोमीटर के दायरे में ड्यूटी, सालाना 20 दिन की छुट्टी, साप्ताहिक अवकाश और बीमा की सुविधा लेकिन इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ।
चालकों का कहना
हड़ताल पर बैठे चालकों का कहना है कि उन्हें सरकार से लगातार केवल आश्वासन मिला है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ। अब आंदोलन पूरे बिहार में फैल चुका है। अलग-अलग जिलों से पूर्व सैनिक पटना पहुंचे हैं चालकों का कहना है कि कोई भी पूर्व सैनिक जो डायल-112 में चालक के पद पर है, अब ड्यूटी नहीं करेगा, चक्का जाम रहेगा।
महिला चालकों हो रही है परेशानी
प्रदर्शन में शामिल महिला चालकों ने भी अपनी मांग रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं से लगातार 12-12 घंटे ड्यूटी कराई जा रही है। कई बार छोटे बच्चों को गोद में लेकर उन्हें काम करना पड़ता है। छुट्टी मिलने के बावजूद थाने से रिलीवर नहीं भेजा जाता और लगातार उत्पीडऩ का सामना करना पड़ता है।
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डायल-112 क्या है ?
बिहार में डायल-112 एक एकीकृत आपातकालीन सेवा है जो पुलिस, एंबुलेंस और अग्निशमन जैसी विभिन्न आपातकालीन सेवाओं को एक ही नंबर पर उपलब्ध कराती है। यह सेवा किसी भी संकट की स्थिति में सहायता के लिए एक एकल हेल्पलाइन नंबर है। 15-20 मिनट के अन्दर इमरजेंसी रिस्पॉन्स गाड़ी, घटना स्थल पर भेज दिया जाता है। पटना स्थित हाईलेवल केंद्रीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर 24 घंटे कार्यरत रहता है।



