नई दिल्ली: दिल्ली के तीन बड़े कूड़े के पहाड़ों में से भलस्वा स्थित कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए अब केंद्र सरकार भी सामने आ गई है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की है कि भलस्वा के कूड़े का पहाड़ अगले एक साल में खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने ये भी कहा कि स्वच्छता लोगों की आदत में शामिल होना जरुरी है। गंदगी फैलाने पर जुर्माना लगाने के बारे में उन्होंने कहा कि कानून तभी काम कर पाता है, जब उसका उल्लंघन करने वालों की संख्या कम हो। अगर 90 फीसदी गंदगी करेंगे तो दंड लगाना भी मुश्किल हो जाएगा।
स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोशिश की जा रही है कि सफाई के लिए चलने वाले अभियान में लोग भी भागीदार बनें। उन्होंने ये भी कहा कि प्लास्टिक पैकिंग का विकल्प देकर सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह से बैन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भलस्वा में 70 एकड़ जमीन पर कूड़े का पहाड़ है। इसे हटाने के लिए मैनें जिम्मा लिया है।
उन्होंने बताया कि ये अभियान 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक चलेगा। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है जबकि दो अक्टूबर को गांधी जयंती है। इस बीच पंडित दीनदयाल उपाध्याय की भी जयंती है। उन्होंने कहा कि इस बीच नवरात्रों से लेकर दशहरा तक के त्यौहार भी आ रहे हैं इसलिए उनकी कोशिश है कि ये अभियान दीवाली तक चले।
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सुपर स्वच्छता लीग भी शुरू की गई है
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से स्वच्छता को लेकर किए जा रहे कार्यों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बार सुपर स्वच्छता लीग भी शुरू की गई है ताकि लगातार जो शहर स्वच्छता में टॉप पर आ रहे हैं, उन्हें इस कैटेगरी में रखा जाए और बाकी शहरों को आगे आने का अवसर मिल सके।
इससे पहले आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि मोदी सरकार के स्वच्छता अभियान शुरू करने के बाद से 12 करोड़ घरों में शौचालयों का निर्माण हुआ है। इस तरह से शौचालयों का 60 करोड़ लोगों को फायदा मिला है। जबकि मोदी सरकार के आने से पहले सिर्फ 37 फीसदी घरों में ही शौचालय थे। विश्व हेल्थ आर्गनाइजेशन के आंकड़ों का हवाला देते हुए पाटिल ने कहा कि स्वच्छता अभियान की वजह से बड़ी तादाद में बच्चों की जान बची है।



