नालंदा: नेपाल में Gen-Z हिंसा में फंसे बिहार के नालंदा के 4 लोगों ने केंद्र और बिहार सरकार से मदद की गुहार लगाई है। बिहार शरीफ के कुछ लोग नेपाल में हुई हिंस में फंस गए हैं और सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगा रहे हैं। ये लोग धार्मिक यात्रा पर पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन के लिए गए थे लेकिन अचानक Gen-Z हिंसा उनकी जान पर बन आई थी। उग्र भीड़ ने न केवल भारतियों को पीट बल्कि उनकी स्कोर्पियों कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पीडि़त लोग नालंदा मुख्यालय बिहार शरीफ के अलग अलग मोहल्ले का रहने वाला हैं। उन्होंने होटल संचालक की मदद से व्हाट्सएप कॉल के जरिए फोन कर घर वालों को जानकारी दी।
पीडि़त सुबोध ने बताया किसी तरह जान बची
पीडि़त सुबोध कुमार ने फोनकर परिवार वालों को बताया कि किसी तरह से हम लोगों की जान बची है। आंदोलन कर रहे कुछ नेपाली नागरिकों ने उन लोगों के साथ मारपीट की और गाछ़ह के शीशे तोड़ दिए। उन्होंने बताया कि भारत नेपाल सीमा से सटे बिहार के रक्सौल बॉर्डर से 100 किमी पहले एक होटल में छिपे हैं।
5 सितंबर को पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन गए थे
5 सितंबर को नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर घूमने बिहार शरीफ से 8 लोग दर्शन के लिए गए थे, जिनमें से कुछ लोग पिछली रात चोरी छिपे स्थानीय ऑटो चालक की मदद से वहां जान बचाकर भाग निकले जबकि 4 लोग अभी भी फंसे हूए हैं। इनमें नीरज कुमार, संजीव कुमार, सुबोध कुमार, विपीन सिंह और शुभम कुमार शामिल हैं। सभी बिहार सरकार से सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगा रहे हैं। इससे पीडि़तों का परिवार डरा सहमा हुआ है।
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7 सितंबर को Gen-Z हिंसा भडक़ी थी
7 सितंबर की शाम भ्रष्टाचार को लेकर युवा छात्रों का आंदोलन हिंसा का रूप ले लिया था। जिसमें अब तक कई लोगों की जानें जा चुकी है। इससे नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जबकि अन्य नेताओं और मंत्रियों के घर, संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट भीड़ में आग लगा दी थी। हालात को काबू में करने के लिए नेपाली सेना ने मोर्चा संभालते हुए कर्फ्यू लगा दिया था। फिललहाल की स्थिति नियंत्रण में है।



