नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने गुरुवार को 16 सितम्बर को होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025 को लेकर यह स्पष्ट कर दिया हैं की चुनाव में उम्मीदवारों को ₹1 लाख की राशि जमा नहीं करनी होगी। बल्कि इसके बजाय केवल गारंटी (Surety Bond) देनी होगी, जो उम्भीमीदवार द्वारा किसी प्रकार की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान या विश्वविद्यालय प्रशाशन के नियम उल्लंघन की स्थिति में ही लागू होगी। यूनिवर्सिटी द्वारा यह स्पष्टीकरण उस समय आया है जब कुछ छात्रों ने दूसरी बार दिल्ली हाई कोर्ट (HC) का दरवाज़ा खटखटाया था, बॉन्ड की शर्तों को चुनौती देने के लिए।
क्या है DU का नया आदेश ?
DU के मुख्य चुनाव अधिकारी राज किशोर शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कई छात्र बॉन्ड की शर्तों को लेकर भ्रमित हो गए थे। उन्होंने बताया कि छात्रों को ₹1 लाख की रकम जमा करने की ज़रूरत नहीं है। केवल एक गारंटी देनी होगी। यदि कोई भी अभियार्थी पोस्टर चिपकाकर या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाता है, तो उसकी जांच की जाएगी। अगर नुकसान ₹10,000 का है, तो सिर्फ उतनी ही राशि वसूली जाएगी, पूरी ₹1 लाख नहीं।
कौन दे सकता हैं उम्मीदवार की गारंटी?
- यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया की इस गारंटी के लिए केवल माता-पिता ही जिम्मेदार नहीं होंगे।
- छात्र का कोई अभिभावक, रिश्तेदार, मित्र या समर्थक भी चुनाव के दौरान गारंटर बन सकता है।
- गारंटी का उद्देश्य केवल चुनाव नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, न कि छात्रों पर किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ डालना।
DU की ग्रीन और क्लीन चुनाव की तैयारी
दिल्ली विश्वविद्यालय इस बार के DUSU चुनाव को पर्यावरण-अनुकूल और स्वच्छ बनाने पर जोर दे रहा है। इसके लिए कई विशेष कदम उठाए भी गए हैं:
- छात्रो के चुनावी प्रचार के लिए 9 “Walls of Democracy” तय की गई हैं, जहाँ छात्र चुनाव सम्बंधित पोस्टर लगा सकते हैं।
- साथ ही ज्यादा प्रचार के लिए नई दीवारें भी बनाई जाएंगी।
- ABVP छात्र संघ पत्तों पर नारे लिख कर चुनाव प्रचार कर रहा हैं, जो एक इको-फ्रेंडली पहल है।
- रात में गश्त और दिल्ली पुलिस की मदद से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
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HC की भूमिका और छात्रों की याचिका
छात्रों ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने यूनिवर्सिटी द्वारा लागू किए गए ₹1 लाख बॉन्ड नियम को चुनौती दी थी। छात्रों का कहना था कि सभी उम्मीदवार आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं की वह यह राशि जमा कर सके, लेकिन वह एफिडेविट (हलफनामा) देने को तैयार हैं। कोर्ट ने विश्वविद्यालय के स्पष्टीकरण को मानते हुए बॉन्ड की शर्तों को बरकरार रखा, क्योंकि इसमें डिपॉज़िट नहीं बल्कि गारंटी की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
दिल्ली विश्वविद्यालय ने अब सभी छात्रों की चिंता दूर करते हुए यह स्पष्ट किया है कि DUSU चुनाव के लिए ₹1 लाख जमा नहीं करना होगा। बल्कि केवल सुरक्षा गारंटी (Surety Bond) देनी होगी, जो तभी लागू होगी जब कोई उम्मीदवार चुनाव नियमों का उल्लंघन करेगा।



