नई दिल्ली: भारत स्थायित्व संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में जी20 देशों में से एक है। यह बात केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के 20वें वैश्विक स्थायित्व शिखर सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीओपी-21 को सफल बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि भारत अपने सतत विकास लक्ष्यों के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। 2014 से अक्षय ऊर्जा के लक्ष्यों को पांच गुना बढ़ा रहा है और “एक राष्ट्र, एक ग्रिड” के सिद्धांत के तहत आपस में जुड़े एक राष्ट्रीय ग्रिड का सफलतापूर्वक निर्माण कर रहा है।
किफायती दरों पर 24 घंटे मिल रही रिन्यूबल एनर्जी
गोयल ने 50 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता पहले ही स्थापित हो चुकी है। भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट तक पहुंचना है जो मेक इन इंडिया उत्पादों, आत्मनिर्भर विनिर्माण और तीव्र नवाचार द्वारा संचालित होगा। उन्होंने कहा कि भारत में अब 24 घंटे स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति के लिए लगभग 4.60 रुपये से 5.00 रुपये प्रति किलोवाट घंटा की दर पर अक्षय ऊर्जा उपलब्ध है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे किफायती दर है। उन्होंने यह भी कहा कि कोयला और अक्षय ऊर्जा को एक साथ अपनाने में कोई विरोधाभास नहीं है, और पारदर्शी बोली की प्रक्रियाओं ने सौर ऊर्जा की कीमत 7-8 रुपये से घटाकर 2.41 रुपये कर दी है। उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर सबसे किफायती और प्रतिस्पर्धी दरों पर चौबीसों घंटे अक्षय ऊर्जा प्रदान करने में सक्षम है।
पेरिस समझौते पर नाकाम देशों की आलोचना
गोयल ने पेरिस समझौते की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रहने के लिए विकसित देशों की आलोचना की। उन्होंने कहा, “विकसित देशों ने हमें बहुत निराश किया है। विकासशील देशों या कम विकसित देशों के प्रयासों का समर्थन करने के लिए रियायती वित्त या अनुदान के रूप में खरबों डॉलर उपलब्ध कराने के पेरिस समझौते में बड़े-बड़े वादे करने के बावजूद, कम से कम 100 अरब डॉलर प्रति वर्ष देने की प्रतिबद्धता जताई गई है। लेकिन हमें अभी तक इनमें से किसी भी प्रतिबद्धता को पूरा होते हुए नहीं दिख रहा है।”
व्यापर संबंधों को बढ़ा रहा भारत
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया भर में व्यापार संबंधों का विस्तार कर रहा है। मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया (पहला चरण), ईएफटीए ब्लॉक, यूनाईटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पहले ही संपन्न हो चुके हैं। जबकि यूरोपीय संघ, चिली, पेरू, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया (दूसरा चरण) और ओमान के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि भारत एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है।



