नई दिल्ली: त्योहारों से पहले मोदी सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है। दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर इस बार मन झूम उठेगा। केंद्र सरकार ने जीएसटी की दरों में कटौती की है। जीएसटी स्लैब् में बदलाव से रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। दिल्ली में बुधवार को वित्तमंत्री निर्माला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी।
GST काउंसिल की बैठक
GST काउंसिल की बैठक की 56वीं मीटिंग के पहले दिन कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इसमें 12 फीसदी और 28 फीसदी टैक्स स्लैब हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। मौजूदा स्ट्रक्चर को सरल करने के लिए अब सिर्फ दो स्लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी ही लागू किए जाएंगे। इसके अलावा कुछ चुनिंदा वस्तुओं और सेवाओं के लिए 40 प्रतिशत का विशेष डिमेरिट रेट लागू होगा। जीएसटर काउंसिल की सिफारिशें प्रभावी होने से सभी निजी जीवन बीमा पॉलिसी, चाहे वे टर्म लाइफ, यूएलआईपी या एंडोमेंट पॉलिसी हों और उनके पुनर्बीमा पर जीएसटी से छूट दी गई है, जिससे आम आदमी के लिए बीमा को किफायती बनाया जा सके और देश में बीमा कवरेज को बढ़ाया जा सके।
फुटवियर और कपड़ों पर 5 फीसदी जीएसटी
जीएसटी काउंसिल के बुधवार को फुटवियर और कपड़ों की कीमत पर टैक्स में राहत देने का फैसला किया है। 2500 रुपये तक के फुटवियर और कपड़ों पर अब 5 प्रतिशत जीएसटी लगेा, जो पहले 1000 रुपये तक की सीमा पर था। 1000 रुपये से ऊपर के सामान पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता था। मिट अब 1000 रुपये की सीमा को बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया है । अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से की थी, एक ऐतिहासिक कर ढांचे के रणनीतिक, सैद्धांतिक और नागरिक-केंद्रित विकास का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो सभी नागरिकों के जीवन के स्तर को बेहतर बनाएंगे। जीएसटी परिषद ने सभी नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने और छोटे व्यापारियों व कारिबारियों के साथ-साथ सभी के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुनिश्चित करने पर आधारित बहु-क्षेत्रीय और बहु-विषयक सुधार करते हुए जीएसटी की दरों में कटौती की है। साथ ही अर्थव्यवस्था को चलाने वाले प्रमुख चालकों जैसे आम आदमी, श्रम-प्रधान उद्योगों, किसान और कृषि, स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए दरों को युक्तिसंगत बनाया है।
स्वास्थ्य बीमा किफायती
सभी निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों (फैमिली फ्लोटर पॉलिसी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पॉलिसी सहित) और उनके पुनर्बीमा पर जीएसटी से छूट दी गई है, जिससे आम आदमी के लिए बीमा को किफायती बनाया जा सके और देश में बीमा कवरेज को बढ़ाया जा सके।
रोजमर्रा की वस्तुएं होंगी सस्ती
आम आदमी की कई वस्तुएं जैसे हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप बार, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर, अन्य घरेलू सामान आदि पर जीएसटी 18 प्रतिशत या 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की दिया गया है। बहुत अधिक तापमान वाला (यूएचटी) दूध, पहले से पैक और लेबल वाला छेना या पनीर पर जीएसटी 5 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है। सभी भारतीय ब्रेड (चपाती, पराठा, परोटा आदि) पर भी जीएसटी हटा दिया गया है। लगभग सभी खाद्य पदार्थों जैसे पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी आदि पर जीएसटी 12 प्रतिशत या 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
टीवी, एसी, छोटी कार सस्ता
एयर कंडीशनिंग मशीन, 32 इंच के टीवी (सभी टीवी पर अब 18% कर), डिशवॉशिंग मशीन, छोटी कार, 350 सीसी या उससे कम क्षमता वाली मोटरसाइकिल पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। कृषि वस्तुओं, मिट्टी तैयार करने या जुताई के लिए ट्रैक्टर, कृषि, बागवानी या वानिकी मशीनरी, कटाई या थ्रेसिंग मशीनरी, जिसमें पुआल या चारा बेलर, घास काटने की मशीन, कंपोस्ट मशीन आदि शामिल हैं, पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। हस्तशिल्प, संगमरमर और ट्रैवर्टीन ब्लॉक, ग्रेनाइट ब्लॉक, और मध्यम चमड़े के सामान जैसी श्रम-आधारति वस्तुओं पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
दवाओं व सीमेंट पर जीएसटी 18%
33 जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी 12% से घटाकर शून्य कर दिया गया है और कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर दीर्घकालिक रोगों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 3 जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी 5% से घटाकर शून्य कर दिया गया है। चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, दंत चिकित्सा या पशु चिकित्सा या भौतिक या रासायनिक जांच के लिए इस्तेमाल होने वाले कई चिकित्सा उपकरणों जैसे वैडिंग गॉज, बैंडेज, डायग्नोस्टिक किट और रीजेंट, ब्लड ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम (ग्लूकोमीटर), चिकित्सा उपकरणों आदि पर जीएसटी 12% से घटाकर 5त्न कर दिया गया है। बस, ट्रक, एंबुलेंस आदि पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। साथ ही सभी ऑटो कलपुर्जों पर, चाहे उनका एचएस कोड कुछ भी हो, 18% की एक समान दर कर दी गई है। तीन-पहिया वाहनों पर जीएसटी घटाकर 18% कर दिया गया
हाथ से बने सामान होंगे सस्ते
हाथ से बनाए रेशे पर जीएसटी दर 18% से घटाकर 5% और मानव निर्मित धागे पर 12% से घटाकर 5% करके, मानव निर्मित कपड़ा क्षेत्र के लिए लंबे समय से लंबित इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार किया गया है। सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड और अमोनिया पर जीएसटी दर 18% से घटाकर 5% करके उर्वरक क्षेत्र में इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार किया नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों और उनके निर्माण हेतु पुर्जों पर जीएसटी की दरों में कटौती कर 5त्न कर दिया गया है
56वीं जीएसटी परिषद् की सिफारिशें
जीएसटी काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, अनमैन्युफैक्चर्ड तंबाकू, जर्दा जैसे चबाने वाले तंबाकू पर लेन-देन मूल्य के बजाय खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) पर जीएसटी लगाया जाएगा। भारत के राष्ट्रपति के लिए राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से आयात की गई नई बख्तरबंद सेडान कार पर एडहॉक आईजीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर से छूट देने का निर्णय लिया गया है।
परिषद् ने रेस्टोरेंट सेवाओं की कर-देयता के संदर्भ में निर्देशित परिसर की परिभाषा में स्पष्टीकरण जोडऩे की सिफारिश की है, जिससे यह स्थिति स्पष्ट की जा सके कि एक स्टैंड-अलोन रेस्टोरेंट खुद को निर्देशित परिसर घोषित नहीं कर सकता है और फलस्वरूप, आईटीसी के साथ 18% की दर से जीएसटी का भुगतान करने का विकल्प नहीं प्राप्त कर सकता है। परिषद् ने मूल्यांकन नियमों को लॉटरी टिकटों पर लागू कर की दर में बदलाव के आधार पर बनाने की सिफारिश की है, जीएसटी मूल्यांकन नियमों में कुछ संशोधन किए जा रहे हैं।
कार्यान्वयन की तारीख से जुड़ी सिफारिशें
वस्तुओं और सेवाओं की जीएसटी दरों में बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू किए जाएंगे। हालांकि, क्षतिपूर्ति उपकर खाते के अंतर्गत दायित्व को पूरा करने हेतु फंड्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, परिषद् ने निर्णय लिया कि जीएसटी दरों में बदलाव निम्नलिखित चरणबद्ध तरीके से लागू किए जा सकते हैं।
जीएसटी दरों में बदलाव 22 सितंबर से लागू होंगे
पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, जर्दा जैसे चबाने वाले तंबाकू उत्पाद, अनमैन्युफैक्चर्ड तंबाकू और बीड़ी को छोडक़र सभी वस्तुओं की जीएसटी दरों में बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे। पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, जर्दा जैसे चबाने वाले तंबाकू उत्पाद, अनमैन्युफैक्चर्ड तंबाकू और बीड़ी पर जीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर की मौजूदा दरें लागू रहेंगी, जब तक क्षतिपूर्ति उपकर खाते के अंतर्गत लोन और ब्याज भुगतान दायित्वों का पूरी तरह भुगतान नहीं हो जाता।
केंद्रीय वित्त मंत्री और जीएसटी परिषद् के अध्यक्ष ऊपर बताई गई वस्तुओं के लिए परिषद् की ओर से मंजूर की गई जीएसटी की संशोधित दरों में बदलाव की वास्तविक तिथि तय कर सकते हैं।
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व्यापार को सुविधाजनक बनाने के उपाय
जीएसटी परिषद् ने व्यापार को सुविधाजनक के लिए कई निर्णय लिए हैं और विभिन्न उपायों की सिफारिश की है। इन प्रक्रिया सुधारों के कार्यान्वयन की तारीख यथासमय अधिसूचित की जाएगी।



