नई दिल्ली: दुनिया अब भारत को हेल्थकेयर इनोवेशन में लीडर के रूप में भी देखती है। हमें अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना होगा और मेडटेक क्षेत्र की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए उद्योग-सरकार साझेदारी को और मजबूत करना होगा। ये बातें केंद्रीय औषधि सचिव अमित अग्रवाल ने सीआईआई ग्लोबल मेडटेक समिट-2025 में कहीं।
इनोवेटिव हेल्थकेयर सॉल्युशन को आगे बढ़ाने के लिए तैयार
उन्होंने कहा कि भारत किफायती और इनोवेटिव हेल्थकेयर सॉल्युशन को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला देश है इसलिए आने वाले दशकों में घरेलू मांग लगातार दोहरे अंकों में बढ़ने वाली है। उन्होंने ज़ोर दिया कि चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र का मुख्य लक्ष्य मरीज़ों की भलाई और घरेलू व वैश्विक दोनों बाज़ारों के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले किफ़ायती चिकित्सा उपकरणों के विकास पर केंद्रित रहना चाहिए।
अब देश में बन रहे प्रोडक्ट
अग्रवाल ने कहा कि कोविड के बाद भारत ने एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों, मैमोग्राफी इकाइयों, वेंटिलेटर, स्टेंट, हर्ट वाल्व, डायलिसिस मशीनों और कई प्रकार के प्रत्यारोपण उपकरणों सहित उन्नत उपकरणों के घरेलू निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सफलतापूर्वक हासिल कर ली है। एक दशक पहले जो उत्पाद स्थानीय उत्पादन के लिए असंभव लगते थे अब देश में ही बनाए जा रहे हैं।
तीन मेडिकल डिवाइस पार्क शुरू होंगे
सचिव महोदय ने आगामी वर्ष में शुरू होने वाले तीन समर्पित चिकित्सा उपकरण पार्कों ( medical device parks) का जिक्र किया। प्रयोगशाला से बाज़ार तक की यात्रा को तेज़ करने के लिए नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और निवेशकों के बीच गहन सहयोग का आह्वान किया जिससे देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता मज़बूत हो सके।
जल्द शुरू होगी पीआरआईपी योजना
देश में जल्द ही 5,000 करोड़ रुपये की फार्मा मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार संवर्धन (पीआरआईपी) योजना शुरू होगी। इस योजना और मेडिकल डिवाइस पार्क में सुविधाओं के विस्तार से मेडटेक सेक्टर की लागत-प्रतिस्पर्धात्मकता और उत्पादन दक्षता में वृद्धि करेगी। इससे घरेलू मूल्य श्रृंखला का गहनीकरण और एक मजबूत नवाचार इकोसिस्टम का निर्माण होगा।



