नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इस दौरान उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय मुलाकात हुई, जो लगभग 55 मिनट तक चली। इस बैठक के बाद जिनपिंग ने कहा कि पीएम मोदी से मिलकर उन्हें खुशी हुई और मौजूदा हालात में भारत और चीन का साथ आना जरूरी है।
पीएम मोदी बोले- संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित हमारे सहयोग से जुड़े हैं, जिससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। उन्होंने आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर संबंधों को आगे बढ़ाने की बात कही। पीएम मोदी ने सीमा प्रबंधन, कैलाश मानसरोवर यात्रा की फिर से शुरुआत और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों की बहाली जैसे मुद्दों पर भी बात की।
एससीओ शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता के लिए चीन को बधाई
पीएम मोदी ने चीन को एससीओ शिखर सम्मेलन की सफल अध्यक्षता के लिए बधाई दी और धन्यवाद दिया। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी मौजूद रहे।
अमेरिका-चीन टैरिफ युद्ध के बीच बैठक का महत्व
यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका द्वारा भारत और चीन सहित कई देशों पर टैरिफ लगाए गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% और चीन पर 200% टैरिफ लगाने की बात कही है। इस टैरिफ युद्ध के बीच मोदी-जिनपिंग की मुलाकात को दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत और चीन के बीच व्यापारिक संबंध
अप्रैल-जुलाई 2025-26 के दौरान भारत का चीन को निर्यात 19.97% बढ़कर 5.75 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 13.06% बढ़कर 40.65 अरब डॉलर रहा। पिछले वित्तीय वर्ष में चीन के साथ व्यापार घाटा भारत के कुल व्यापार असंतुलन का लगभग 35% था। भारत का चीन पर आयात निर्भरता भी एक चिंता का विषय है, खासकर एजिथ्रोमाइसिन जैसी एंटीबायोटिक दवाओं और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों में, जहां चीन की हिस्सेदारी 75% से अधिक है।
आयात निर्भरता कम करने के लिए भारत के कदम
भारत ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। 14 से अधिक क्षेत्रों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं (PLI) शुरू की गई हैं, और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कड़े गुणवत्ता मानक लागू किए गए हैं।
सोमवार को पुतिन से मिलेंगे पीएम मोदी
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन पहुंचे हैं। वे सोमवार को पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह बैठक भी अमेरिका सहित पूरी दुनिया के लिए उत्सुकता का विषय है, खासकर जब रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर अमेरिका ने टैरिफ लगाया है।
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एससीओ का संक्षिप्त परिचय
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की स्थापना 15 जून, 2001 को हुई थी। भारत 2017 में इसका सदस्य बना था। एससीओ देशों में दुनिया की लगभग 40% आबादी रहती है और वैश्विक जीडीपी में इनकी 20% हिस्सेदारी है। इसके अलावा, दुनिया के 20% तेल भंडार इन्हीं देशों में है।



