नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों और अभिभावकों को फर्जी वेबसाइट्स और एजेंट्स से सतर्क रहने की सलाह दी है। डुप्लीकेट मार्कशीट, सर्टिफिकेट या रिकॉर्ड सुधार से जुड़ी सभी जानकारी केवल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और क्षेत्रीय कार्यालयों से ही लेनी चाहिए।
फर्जीवाड़े का बढ़ता खतरा
हाल के दिनों में कई फर्जी वेबसाइट्स और लोग छात्रों को गुमराह कर रहे हैं, जो डुप्लीकेट दस्तावेज या रिकॉर्ड में बदलाव का झूठा वादा करते हैं। ऐसे अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि कानूनी परेशानियों का कारण भी बन सकते हैं। CBSE ने स्पष्ट किया कि बोर्ड का किसी भी बाहरी एजेंट या वेबसाइट से कोई संबंध नहीं है।
केवल आधिकारिक चैनलों पर भरोसा करें
CBSE ने जोर देकर कहा कि मार्कशीट, सर्टिफिकेट या अन्य सेवाओं से जुड़ी हर प्रक्रिया केवल आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in और क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से ही पूरी होती है। छात्रों और अभिभावकों को किसी भी अनजान सोशल मीडिया पेज, एजेंसी या व्यक्ति पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
ठगी के मामले बढ़ने से बोर्ड सख्त
पिछले कुछ समय में कई छात्र फर्जी दस्तावेज दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार हुए हैं। कुछ लोग खुद को CBSE से जुड़ा बताकर आसान रास्ते का दावा करते हैं, जो पूरी तरह झूठ है। बोर्ड ने सलाह दी है कि ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें।
छात्रों और अभिभावकों के लिए सलाह
CBSE ने अपील की है कि कोई भी संदिग्ध जानकारी मिलने पर तुरंत बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय या आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क करें। बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी कि अनधिकृत स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर होने वाली किसी भी परेशानी की जिम्मेदारी उसकी नहीं होगी।
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असली और नकली की पहचान कैसे करें
- हमेशा CBSE की आधिकारिक वेबसाइट (cbse.gov.in) से जानकारी लें।
- किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज पर निजी जानकारी साझा न करें।
- अगर कोई व्यक्ति खुद को बोर्ड का प्रतिनिधि बताए, तो उसकी पहचान आधिकारिक चैनलों से सत्यापित करें।
- केवल CBSE द्वारा जारी नोटिफिकेशन और प्रेस रिलीज पर भरोसा करें।



