डायल 112 सेवा का विस्तार, बिहार में मिलेगा नया सर्वर

बिहार में नया सर्वर डायल 112 पर आने वाली शिकायतों को आसानी से संभालने, कॉल ड्रॉप की समस्या और पुलिस को शिकायतकर्ता तक जल्द से पहुंचने में मदद करेगा।

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मुजफ्फरपुर: बिहार में इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (डायल 112) को और भी बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। गृह विभाग ने पटना के राजवंशी नगर स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के लिए 12 करोड़ रुपये की लागत से एक नया, अधिक क्षमता वाला सर्वर खरीदने को मंजूरी दे दी है। यह नया सर्वर डायल 112 पर आने वाली शिकायतों को आसानी से संभालेगा और पुलिस को शिकायतकर्ताओं के स्थान को ट्रैक करके उन तक जल्द से जल्द पहुंचने में मदद करेगा।
इसका मुख्य कारण यह है कि जब 2023 में डायल 112 शुरू हुआ, तो लोगों ने थानों में सीधे कॉल करने के बजाय इस नई, केंद्रीकृत सेवा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इस वजह से डायल 112 पर शिकायतों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई।

क्यों बदला जा रहा है सर्वर

अभी का सर्वर, जिस पर बहुत ज्यादा लोड रहता है, इस वजह से अक्सर कई बार कोशिश करने के बाद ही डायल 112 पर कॉल लग पाती है। इसकी वजह से लोगों को असुविधा हो रही थी। इस समस्या को देखते हुए, गृह विभाग ने एक शक्तिशाली नया सर्वर खरीदने का फैसला किया है। इससे न केवल कॉल आसानी से लगेगी, बल्कि शिकायतकर्ता तक पुलिस की मदद भी कम समय में पहुंचेगी।

डायल 112 की वर्तमान स्थिति

डायल 112 के तहत पूरे बिहार में कुल 1,833 गाड़ियां चलती हैं, जिनमें से 1,283 चारपहिया और 550 दोपहिया वाहन हैं। अकेले मुजफ्फरपुर में डायल 112 की 44 चारपहिया गाड़ियां काम कर रही हैं। पूरे राज्य में डायल 112 पर हर दिन औसतन 60,000 से ज्यादा कॉल आती हैं, जिनमें से लगभग 8,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज होती हैं।

शिकायतों की बढ़ती संख्या

डायल 112 के शुरू होने के बाद से शिकायतों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। मुजफ्फरपुर में डायल 112 की 44 टीमें प्रतिदिन औसतन 120-150 शिकायतों को सुलझा रही हैं। डायल 112 पर कॉल आने के बाद थानों में सीधे शिकायत करने वालों की संख्या में 40% तक की कमी आई है।

शिकायतों का प्रकार

डायल 112 पर आने वाली शिकायतों में 22% से ज्यादा सामान्य कानून-व्यवस्था से जुड़ी होती हैं, जबकि 16-20% घरेलू हिंसा और 15% सड़क अपराधों से संबंधित होती हैं।

वित्तीय मंजूरी और आगे की योजना

गृह विभाग के उपसचिव, प्रकाश रंजन ने इस नए सर्वर की खरीद के लिए 12 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। इस राशि का खर्च और निकासी की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक (निरीक्षण) को दी गई है। यह कदम डायल 112 सेवा को और भी कुशल और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

डायल 112 की बढ़ती लोकप्रियता

बिहार के लोग अब आपातकालीन मदद के लिए सीधे थानों के बजाय डायल 112 को प्राथमिकता दे रहे हैं।

सर्वर पर अत्यधिक दबाव

रोजाना 60,000 से अधिक कॉल्स और 8,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज होने के कारण मौजूदा सर्वर इस दबाव को ठीक से संभाल नहीं पा रहा है।

तकनीकी समस्याएं

सर्वर पर लोड बढ़ने से अक्सर कॉल ठीक से नहीं लग पाती या सेवा में रुकावट आती है, जिससे लोगों को परेशानी होती है।

समस्या का समाधान

इन समस्याओं को दूर करने और सेवा को और भी प्रभावी बनाने के लिए गृह विभाग ने 12 करोड़ रुपये की लागत से एक नया, अधिक क्षमता वाला सर्वर खरीदने का फैसला किया है।

लक्ष्य

इस कदम का उद्देश्य डायल 112 सेवा को निर्बाध (uninterrupted) बनाना, शिकायतकर्ता तक पुलिस की पहुंच को तेज करना और बिहार में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और भी मजबूत करना है।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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