उफनाई नदियां, बढ़ रहा है पटना का दर्द

गंगा, पुनपुन और सोन नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। जिससे प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।

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पटना: बिहार की राजधानी पटना में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है क्योंकि शहर को घेरे हुए गंगा, पुनपुन और सोन जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इन पांच नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

नदियों की स्थिति और जलस्तर
जल संसाधन विभाग के अनुसार, इन नदियों में लगातार पानी बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं और रात में भी निगरानी (पेट्रोलिंग) शुरू कर दी है।

गंगा नदी
पटना के गांधीघाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान (48.60 मीटर) से 51 सेंटीमीटर ऊपर, यानी 49.09 मीटर तक पहुंच गया है। वहीं, हाथीदह में यह खतरे के निशान (41.76 मीटर) से 35 सेंटीमीटर ऊपर (42.09 मीटर) बह रही है। मनेर में भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान (52.00 मीटर) से 18 सेंटीमीटर ऊपर, 52.18 मीटर दर्ज किया गया है। दानापुर और दीघाघाट पर भी नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जिससे इन इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

पुनपुन नदी
पटना के श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान (50.60 मीटर) से 19 सेंटीमीटर ऊपर, 50.79 मीटर पर बह रही है। इसके जलस्तर में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

सोन नदी
देर रात सोन नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान को पार कर गया। मनेर में यह खतरे के निशान (55.52 मीटर) से 5 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है, हालांकि कोइलवर में यह अभी खतरे के निशान से नीचे है।

दरधा और कररुआ नदियां
ये दोनों नदियां भी उफान पर हैं और इनका जलस्तर भी लाल निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे आस-पास के क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है।

संभावित प्रभावित क्षेत्र और प्रशासन की तैयारी
गंगा और पुनपुन नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण पटना जिले के निचले हिस्सों में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो पटना के चार प्रखंडों मनेर, दानापुर, पटना सदर और संपतचक में बाढ़ आ सकती है।

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गंगा नदी का जलस्तर

  • गांधीघाट: गंगा का जलस्तर यहाँ खतरे के निशान (48.60 मीटर) से 49 सेंटीमीटर ऊपर (49.09 मीटर) पहुंच गया है, जिससे आस-पास के इलाकों में चिंता बढ़ गई है।
  • मनेर: मनेर में भी नदी खतरे के निशान (52.00 मीटर) से 18 सेंटीमीटर ऊपर, 52.18 मीटर पर बह रही है।
  • हाथीदह: हाथीदह में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान (41.76 मीटर) से 33 सेंटीमीटर ऊपर, 42.09 मीटर दर्ज किया गया है।

दानापुर और दीघाघाट
दानापुर (51.03 मीटर) और दीघाघाट (50.33 मीटर) में भी गंगा खतरे के निशान के बेहद करीब बह रही है, हालांकि अभी जलस्तर लाल निशान से नीचे है।

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पुनपुन और सोन नदी
पुनपुन (श्रीपालपुर) पुनपुन नदी भी खतरे का निशान (50.60 मीटर) पार कर चुकी है। इसका वर्तमान जलस्तर 50.79 मीटर है।

सोन (कोइलवर)
सोन नदी का जलस्तर कोइलवर में 52.46 मीटर है, जो कि खतरे के निशान (55.52 मीटर) से अभी नीचे है। हालांकि, अन्य जगहों पर इसमें भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
एहतियात के तौर पर इन संबंधित प्रखंडों में निगरानी और पेट्रोलिंग शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में स्थिति नियंत्रित है, लेकिन नकटा दियारा, बिंदटोली जैसे निचले इलाकों में पानी आ सकता है।

Sakshi Pal

sakshipal8700@gmail.com

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