नई दिल्ली: एक अगस्त 2025 से भारत में कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं, जो आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालेंगे। ये बदलाव यूपीआई लेनदेन, एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और एसबीआई क्रेडिट कार्ड से जुड़े हैं। आइए, इन बदलावों को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि इनका आप पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
यूपीआई लेनदेन में नए नियम
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के नियमों में बदलाव से डिजिटल भुगतान करने वालों को अपनी आदतों में कुछ बदलाव करना होगा। अब आप एक दिन में अधिकतम 50 बार बैंक बैलेंस चेक कर सकेंगे। अगर आपका बैंक खाता यूपीआई से लिंक है, तो उस खाते का बैलेंस केवल 25 बार ही देखा जा सकेगा। इसके अलावा, स्वचालित भुगतान जैसे सब्सक्रिप्शन या ईएमआई के लिए नया शेड्यूल सिस्टम लागू किया गया है। ये भुगतान अब तीन अलग-अलग समय स्लॉट में किए जाएंगे, ताकि सिस्टम पर एकसाथ ज्यादा दबाव न पड़े। इन बदलावों से डिजिटल लेनदेन को और व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है।
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में राहत
रक्षा बंधन के मौके पर सरकार ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 33.50 रुपये की कटौती की है। यह दूसरा लगातार महीना है जब कॉमर्शियल सिलेंडर सस्ते हुए हैं। इससे रेस्टोरेंट, होटल और छोटे व्यवसायों को लाभ होगा, क्योंकि उनकी लागत कम होगी। हालांकि, घरेलू रसोई गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे आम घरों को कोई अतिरिक्त राहत नहीं मिलेगी।
एसबीआई क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव
एसबीआई के को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड (प्राइम, प्लेटिनम, एलिट) धारकों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव है। 11 अगस्त 2025 से इन कार्ड्स पर मिलने वाला मुफ्त एयर इंश्योरेंस बंद हो जाएगा। पहले इन कार्ड्स पर 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का इंश्योरेंस कवर मिलता था। यह बदलाव कार्डधारकों के लिए निराशाजनक हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो इस सुविधा पर निर्भर थे।



