नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, रेलवे और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से जुड़े सात फैसले किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दो फैसले किसानों और चार फैसले रेलवे और एक फैसला राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से जुड़ा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार मंत्रिमंडल की बैठक में 15वें वित्त आयोग चक्र (2021-22 से 2025-26) के दौरान चल रही केंद्रीय क्षेत्र योजना प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के लिए 1920 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दे दी है।
इस योजना का बजट बढ़कर कुल 6520 करोड़ रुपये पहुंच गया है। साथ ही भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 574 किलोमीटर की वृद्धि करते हुए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड के 13 जिलों को कवर करने वाली चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसके अलावा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को 2025-26 से 2028-29 तक चार वर्षों की अवधि के लिए दो हजार करोड़ रुपये की केंद्रीय अनुदान सहायता योजना को आज स्वीकृति दे दी। इसमें वित्त वर्ष 2025-26 से प्रत्येक वर्ष 500 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
किसानों से जुड़े फैसले
प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना की घटक योजना एकीकृत शीत श्रृंखला और मूल्य संवर्धन अवसंरचना के अंतर्गत 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयों को बनाने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन अवसंरचना के तहत एनएबीएल मान्यता प्राप्त 100 खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। इनकी स्थापना के लिए 1000 करोड़ रुपये और 15वें वित्त आयोग के दौरान पीएमकेएसवाई की विभिन्न घटक योजनाओं के अंतर्गत परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए 920 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
अभिरुचि पत्र जारी किए जाएंगे
आईसीसीवीएआई और एफएसक्यूएआई दोनों ही योजनाएं पीएमकेएसवाई योजना का हिस्सा हैं। ये दोनों योजनाएं मांग के आधार पर चलती हैं। देश भर की पात्र संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करने के लिए अभिरुचि पत्र (ईओआई) जारी किए जाएंगे। ईओआई के तहत प्राप्त प्रस्तावों को मौजूदा योजना दिशानिर्देशों के अनुसार पात्रता मानदंडों के अनुसार उचित जांच के बाद अनुमोदित किया जाएगा।
100 एनएबीएल की स्थापना
प्रस्तावित 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयों के कार्यान्वयन से इन इकाइयों के अंतर्गत विकिरणित खाद्य उत्पादों के प्रकार के आधार पर प्रति वर्ष 20 से 30 लाख मीट्रिक टन तक की कुल संरक्षण क्षमता सृजित होने की उम्मीद है। निजी क्षेत्र के तहत प्रस्तावित 100 एनएबीएल-मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना से खाद्य नमूनों के परीक्षण के लिए उन्नत बुनियादी ढांचे का विकास होगा, जिससे खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन और सुरक्षित खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
रेलवे की चार परियोजनाएं मंजूर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक में रेलेवे से संबंधित लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गुरुवार को रेल मंत्रालय की चार परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी कुल लागत 11,169 करोड़ रुपये (लगभग) है। इनमें इटारसी नागपुर चौथी रेल लाइन, अलुअबारी रोड–न्यू जलपाईगुड़ी तीसरी और चौथी लाइन छत्रपति संभाजीनगर–परभणी डबलिंग, डांगाापोसी–जरौली तीसरी और चौथी लाइन प्रमुख रूप से शामिल हैं।
चारों दिशाओं का मिलन बिंदु
इटारसी-नागपुर चौथी रेलवे लाइन को लेकर वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इटारसी और नागपुर के बीच चौथी लाइन को मंजूरी दी है। इसका निर्माण दिल्ली और चेन्नई के साथ-साथ मुंबई और हावड़ा को जोड़ने वाले उच्च-घनत्व वाले गलियारे पर किया जाएगा। यह चारों दिशाओं का मिलन बिंदु है। इन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 574 किलोमीटर की वृद्धि होगी, जिससे कुल नेटवर्क और अधिक सशक्त होगा।
2,309 गांवों तक बढ़ेगा सम्पर्क
अश्विनी ने कहा कि इन प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 2,309 गांवों तक सम्पर्क बढ़ेगा, जो लगभग 43 लाख लोगों की आबादी को सीधा लाभ पहुंचाएंगे। यह परियोजनाएं कोयला, सीमेंट, क्लिंकर, जिप्सम, फ्लाई ऐश, कंटेनर, कृषि उत्पाद, पेट्रोलियम जैसे आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए अहम मार्गों पर गतिशीलता को बढ़ावा देंगी। इसके अलावा इन परियोजनाओं से सालाना 95.91 मिलियन टन अतिरिक्त मालवाहक ट्रैफिक को संभालने की क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे देश के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। परियोजनाओं की योजना पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर बनाई गई है, जिसमें एकीकृत योजना और हितधारक परामर्श के माध्यम से मल्टी-मोडल संपर्कता और रसद दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ये परियोजनाएं लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्कता प्रदान करेंगी।
रेलवे, पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण, जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत को कम करने, तेल आयात (16 करोड़ लीटर) कम करने और सीओ2 उत्सर्जन (515 करोड़ किलोग्राम) कम करने में मदद करेगा, जो 20 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
चार वर्षों में ओपन मार्केट से 20,000 करोड़ रुपए जुटा सकेगा एनसीडीसी
कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के अनंसार, 2,000 करोड़ रुपए की इस अनुदान सहायता राशि के आधार पर, एनसीडीसी चार वर्षों की अवधि में ओपन मार्केट से 20,000 करोड़ रुपए जुटा सकेगा। एनसीडीसी द्वारा इस धनराशि का उपयोग सहकारी समितियों को नई परियोजनाएं स्थापित करने, प्लांट के विस्तार और कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ऋण देने के लिए किया जाएगा।
लगभग 2.9 करोड़ सदस्यों को मिलेगा लाभ
एनसीडीसी को 2,000 करोड़ रुपए के अनुदान की फंडिंग भारत सरकार से बजटीय सहायता के माध्यम से होगा। बयान में बताया गया है कि देश भर में डेयरी, पशुधन, मत्स्य पालन, चीनी, कपड़ा, फूड प्रोसेसिंग, स्टोरेज और कोल्ड स्टोरेज; श्रम और महिला-नेतृत्व वाली सहकारी समितियों जैसे विभिन्न क्षेत्रों की 13,288 सहकारी समितियों के लगभग 2.9 करोड़ सदस्यों को एनसीडीसी अनुदान की मंजूरी से लाभ मिलेगा।



