पटना: जमीन के स्वामित्व से जुड़ी समस्याओं के निदान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग महाअभियान चलाएगा। इसकी शुरुआत 16 अगस्त से होगी और समापन 20 सितंबर को होगा। मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग संजय सरावगी ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्व महाअभियान 2025 राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है।
इससे लाखों रैयतों को लाभ होगा। अभियान के प्रत्येक चरण में समयबद्धता, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। इस दौरान डिजिटाइज्ड जमाबंदी, उत्तराधिकार, विभाजन और अन्य भूमि संबंधी सुधार किए जाएंगे। राजस्व विभाग की टीमें घर-घर जाकर सेवाएं प्रदान करेंगी, और पंचायत स्तर पर कम से कम दो तारीखों पर शिविर लगाए जाएंगे, जिनके बीच सात दिनों का अंतराल होगा।
लाभ और उद्देश्य
अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को समय पर और पारदर्शी तरीके से सेवाएं देना है, जिससे दलालों की भूमिका कम हो और लाखों रैयतों को लाभ हो। यह पहल जमीन से जुड़े दस्तावेजें में त्रुटियों को दूर करने और सुविधा प्रदान करने पर केंद्रित है।महाअभियान के तहत राज्यभर में डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटियों का सुधार (परिमार्जन), छूटी हुई जमाबंदियों को आनलाइन कराना, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा नामांतरण जैसे मामलों का समाधान किया जाएगा।
इसके साथ ही नाम, खाता, खेसरा, रकबा, लगान जैसी अशुद्धियों को ठीक किया जाएगा। ऑफलाइन जमाबंदी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। रैयत की मृत्यु के बाद उत्तराधिकारियों के नाम पर जमाबंदी कराई जाएगी। संयुक्त जमाबंदी के मौखिक बंटवारे के बावजूद अंशधारकों के नाम से अलग जमाबंदी कायम होगी।
अभियान के तहत 16 अगस्त 2025 से 15 सितंबर 2025 तक टीमें घर-घर जाकर जमाबंदी की प्रतिलिपि वितरित करेंगी और आवेदन एकत्र करेंगी। इसके बाद, 16 सितंबर 2025 से 20 सितंबर 2025 तक पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां नागरिक आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर सकते हैं। इन शिविरों में पर्याप्त समय दिया जाएगा ताकि नागरिकों को फॉर्म भरने में आसानी हो और उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े।
नागरिकों के लिए जानकारी
इस अभियान से संबंधित अधिक जानकारी और सहायता के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।



