चुनाव से पहले सियासी बिसात… नहीं पता, कौन, कब, किसके साथ ?

बिहार में चुनाव बेशक अभी दूर है, लेकिन सियासी जमीन तैयार है। एक तरफ महा गठबंधन एकजुट होने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ सत्ता पक्ष वोटरों को लुभाने में जुटा है।

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की राजनीतिक गर्मी बढ़ने के साथ ही विकासशील इंसान पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी की सियासत किस करवट बैठेगी, इस पर कौतुहल गहराता जा रहा है। मुकेश सहनी ने पहले 60 सीटों की मांग रखी है और फिलवक्त महागठबंधन की बैठक से दूरी बना रखी है।
तेजस्वी यादव के घर बुधवार महागठबंधन की हुई बैठक में कांग्रेस से लेकर लेफ्ट तक के नेता पहुंचे, लेकिन मुकेश सहनी नहीं वहां से नदारद थे। इससे सवाल उठने लगे कि क्या सहनी फिर सियासी पाला बदलने की तैयारी में है? चर्चा है कि उन्हें एनडीए में शामिल होने का न्योता मिला है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मुकेश सहनी महागठबंधन का का साथ छोड़कर चुनाव में एनडीए का हिस्सा बनेंगे?

मनचाही सीटों पर बात नहीं 
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गोलबंदी शुरू हो गई है। इस कड़ी में सीटों के बंटवारे, सीएम चेहरा, एसआईआर जैसे इन तमाम मुद्दों पर महागठबंधन की बैठक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास हुई। इस बैठक में महागठबंधन में शामिल सभी दलों के प्रमुख नेता शामिल रहे।
वहीं, तेजस्वी के साथ साये कि तरह रहने वाले विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी के बैठक से दूरी बनाने को लेकर अटकलों का बाजार गरम हो गया है। मुकेश सहनी के तेवर और सियासी अंदाज धीरे-धीरे बगावती होते जा रहे हैं। इसको लेकर चर्चा है कि कहीं मुकेश सहनी के बैठक में शामिल नहीं  होने के पीछे का कारण मनचाहा सीटों पर बात नहीं बनना है, इसलिए वो 2020 कि तरह अचानक महागठबंधन का साथ तो नहीं छोड़ सकते हैं। 

एनडीए से मिला मिला सकते है हाथ 
कुछ दिन पहले ही एक निजी चैनल के साक्षात्कार में मुकेश ने कहा था कि गृह मंत्री अमित शाह उनके राजनीतिक गुरु है। इसके बाद राजनीतिक समझ रखने वाले लोगों के जेहन में यह बात दौडऩे लगी थी मुकेश सहनी का कहीं न कहीं महागठबंधन से मोहभंग होता दिख रहा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अध्यक्षता आयोजित महागठबंधन कि बैठक में न जाना और बिहार एनडीए के सहयोगी दल ‘हम’ के नेता नीतीश सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने भी मुकेश सहनी को महागठबंधन छोड़ एनडीए में आने का न्योता दिया है। संतोष सुमन ने मुकेश सहनी को एनडीए में आने को लेकर कहा कि तेजस्वी मुकेश सहनी को 60 सीट देने वाले नहीं हैं इसलिए उनके लिए बेहतर है कि वो वापस लौट आएं क्योंकि उनका समाज भी एनडीए के साथ है।
मुकेश सहनी का महागठबंधन के सीट बंटवारे से पहले 60 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान करने का फैसला महागठबंधन को चिंता में डाल दिया है। सियासी गलियारे में चर्चा यह भी है मुकेश सहनी बिहार के उपमुख्यमंत्री बनने का सपना लम्बे समय से देख रहे है। 

2020 चुनाव में मांगी थीं 25 सीटें और उपमुख्यमंत्री पद
2020 विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने महागठबंधन में 25 सीटें और उपमुख्यमंत्री का पद मांगा था। जब उन्हें यह बात पता चली कि उनकी ये इच्छा पूरी नहीं होगी तो महागठबंधन द्वारा आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस को बीच में छोडकर महागठबंधन से नाता तोड़ लिया था। इसके बाद एनडीए का हिस्सा बने थे और बीजेपी ने उन्हें अपने कोटे से 11 सीटें दी थी।

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