नई दिल्ली : भारत सरकार ने डिजिटल व्यापार को देश की अर्थव्यवस्था का एक अनिवार्य स्तंभ घोषित किया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद द्वारा लोकसभा में साझा की गई जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत के आईटी पारितंत्र ने 280 बिलियन डॉलर से अधिक का राजस्व अर्जित किया है।
इसमें से 225 बिलियन डॉलर का हिस्सा अकेले निर्यात से आया है, जो वैश्विक बाजार में भारतीय तकनीकी कौशल की स्वीकार्यता को दर्शाता है। वर्तमान में यह क्षेत्र 60 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान कर रहा है।
सरकार विश्व के विभिन्न देशों के साथ डिजिटल व्यापार साझेदारियों को प्रोत्साहित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। भारत ने पहले ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ के साथ तीन महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते संपन्न किए हैं।
इन समझौतों की खासियत यह है कि इनमें ‘डिजिटल व्यापार’ को एक अलग और प्रमुख अध्याय के रूप में शामिल किया गया है, जिससे भारतीय कंपनियों के लिए वैश्विक बाजारों के द्वार खुले हैं और साथ ही देश के आर्थिक हितों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है।
भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ताएं भी एक मुक्त और न्यायसंगत डिजिटल वातावरण बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। दोनों देशों ने एक अंतरिम रूपरेखा तैयार की है जो उभरती प्रौद्योगिकियों और सीमा-पार सहयोग को बढ़ावा देगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये अंतरराष्ट्रीय समझौते किसी भी तरह से भारत की विधिक स्वायत्तता को प्रभावित नहीं करेंगे। भारत ने डेटा गवर्नेंस के मामले में अपनी नियामक स्वतंत्रता को बरकरार रखते हुए नवाचार और सुरक्षा के बीच एक सटीक संतुलन बनाने का दृष्टिकोण अपनाया है।
डेटा सुरक्षा के मोर्चे पर, ‘डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023’ और हाल ही में अधिसूचित ‘DPDP नियम, 2025’ एक सुदृढ़ ढांचा प्रदान करते हैं। यह कानून न केवल डेटा न्यासियों की जवाबदेही तय करता है, बल्कि नागरिकों को उनके व्यक्तिगत डेटा पर पूर्ण अधिकार भी देता है।
इसके अतिरिक्त, भारतीय रिजर्व बैंक जैसे क्षेत्रीय नियामकों ने यह अनिवार्य किया है कि भुगतान संबंधी सभी संवेदनशील डेटा केवल भारत में ही संग्रहीत किया जाए। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था की प्रगति के साथ देश की संप्रभुता और डेटा गोपनीयता सर्वोपरि बनी रहेगी।



