मुंबई | इंटरनेट की स्थिरता, सुरक्षा और वैश्विक समन्वय सुनिश्चित करने वाली प्रमुख वैश्विक संस्था इंटरनेट कॉर्पोरेशन फॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स द्वारा मुंबई में ‘आईसीएएनएन 85 कम्युनिटी फोरम’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से आयोजित यह 6 दिवसीय सम्मेलन 7 से 12 मार्च तक मुंबई के जियो कन्वेंशन सेंटर में चलेगा।
डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार है इंटरनेट: एस. कृष्णन
9 मार्च को आयोजित आधिकारिक स्वागत समारोह में केंद्रीय आईटी सचिव श्री एस. कृष्णन ने मुख्य संबोधन दिया। उन्होंने कहा, “आज इंटरनेट केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं का बुनियादी ढांचा बन गया है। जैसे-जैसे डिजिटल तकनीक बढ़ रही है, इंटरनेट को खुला, सुरक्षित और समावेशी बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने भरोसेमंद डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
विविधता और सुरक्षा पर जोर
आईसीएएनएन बोर्ड की अध्यक्ष तृप्ति सिन्हा ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इंटरनेट की अखंडता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट को उस ‘विविध मानवता’ को प्रतिबिंबित करना चाहिए जिसकी वह सेवा करता है। वहीं, आईसीएएनएन के अध्यक्ष कर्टिस लिंडक्विस्ट ने नए सदस्यों और उन क्षेत्रों के लोगों को चर्चा में शामिल होने का आह्वान किया जो अब तक हाशिए पर रहे हैं।
200 से अधिक सत्रों में तकनीकी विमर्श
इस फोरम में दुनिया भर की सरकारों, उद्योग जगत और नागरिक समाज के प्रतिनिधि 200 से अधिक सत्रों में भाग ले रहे हैं। चर्चा के मुख्य केंद्र बिंदु हैं:
- डोमेन नेम सिस्टम (DNS) का विकास।
- साइबर सुरक्षा की नई पद्धतियां।
- जेनेरिक टॉप-लेवल डोमेन (gTLD) का आगामी विस्तार।
बहु-हितधारक मॉडल
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट प्रशासन के बहु-हितधारक मॉडल को सुदृढ़ करना है। इसमें सरकारी अधिकारी, निजी क्षेत्र और तकनीकी समुदाय मिलकर ऐसी नीतियां विकसित कर रहे हैं जिससे इंटरनेट वैश्विक स्तर पर अंतर-संचालनीय बना रहे।



