नई दिल्ली: Google ने अपनी नई Pixel 10 सीरीज के साथ स्मार्टफोन की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर ली है। इस सीरीज में कई शानदार अपग्रेड्स हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है WhatsApp पर सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए वॉइस और वीडियो कॉलिंग का फीचर। इसका मतलब है कि अब आप उन इलाकों में भी WhatsApp कॉल कर सकेंगे, जहां मोबाइल सिग्नल या वाई-फाई उपलब्ध नहीं है। यह तकनीक खासकर पहाड़ी, जंगली या दूरदराज के क्षेत्रों में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
कब और कैसे मिलेगा यह फीचर?
Google ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर घोषणा की कि यह सैटेलाइट-बेस्ड कॉलिंग फीचर 28 अगस्त 2025 से शुरू होगा, जब Pixel 10, Pixel 10 Pro, Pixel 10 Pro XL, और Pixel 10 Pro Fold बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। कॉल के दौरान फोन की स्टेटस बार में एक सैटेलाइट आइकन दिखाई देगा, जो यह संकेत देगा कि कॉल सैटेलाइट नेटवर्क से हो रही है। Google ने यह भी बताया कि यह सुविधा केवल कुछ चुनिंदा कैरियर्स के साथ काम करेगी और इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सैटेलाइट के जरिए मैसेजिंग की सुविधा मिलेगी या नहीं।
Apple और Samsung से आगे निकला Google
जहां Apple के iPhone सैटेलाइट फीचर को केवल आपातकालीन टेक्स्ट मैसेज तक सीमित रखते हैं, वहीं Google ने Pixel 10 के साथ एक बड़ा कदम उठाया है। यह फीचर रोजमर्रा की कॉलिंग को सैटेलाइट तकनीक से जोड़ता है, जो इसे Apple और Samsung के मौजूदा सैटेलाइट फीचर्स से आगे ले जाता है। Samsung Galaxy S25 Ultra भले ही अपने 200MP कैमरा और Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर के साथ प्रीमियम सेगमेंट में दमदार हो, लेकिन Pixel 10 का यह फीचर इसे एक अलग पहचान देता है।
Pixel Watch 4 में भी सैटेलाइट सपोर्ट
Google ने सिर्फ फोन तक खुद को सीमित नहीं रखा। Pixel Watch 4 के LTE मॉडल्स में भी सैटेलाइट कनेक्टिविटी दी जाएगी, जो इसे दुनिया की पहली स्मार्टवॉच बनाएगी जो सैटेलाइट से जुड़ सकती है। Snapdragon W5 Gen 2 चिप के साथ यह वॉच आपातकालीन संदेश भेजने में सक्षम होगी, जो इसे और भी खास बनाता है।
कनेक्टिविटी का नया युग
Google का यह कदम स्मार्टफोन कनेक्टिविटी को नए स्तर पर ले जा रहा है। WhatsApp कॉलिंग का यह सैटेलाइट फीचर उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो अक्सर नेटवर्क-मुक्त क्षेत्रों में यात्रा करते हैं। जैसे-जैसे यह सुविधा 28 अगस्त से शुरू होगी, यह देखना रोमांचक होगा कि यह तकनीक कितनी प्रभावी साबित होती है।



