गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न से विभूषित एवं लौह पुरुष के नाम से विख्यात सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार को प्रदेशभर के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के लिए एकता यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ऐलान किया कि यूपी के सभी स्कूलों में वंदे मातरम् अनिवार्य किया जाएगा।
समाजवादी पार्टी पर प्रहार
सीएम योगी ने सरदार पटेल के राष्ट्र के प्रति योगदान को श्रद्धा भाव से याद किया। साथ ही वंदे मातरम् में संशोधन और विरोध को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस राष्ट्र गीत ने आजादी के आंदोलन में भारत की सोयी हुई चेतना को जागृत किया, उसमें पहले कांग्रेस ने तुष्टिकरण के लिए संशोधन किया और आज फिर कुछ लोग वंदे मातरम् का विरोध कर रहे हैं।
सोई चेतना जगाता राष्ट्रगीत
नगर निगम परिसर के रानी लक्ष्मीबाई पार्क से निकली एकता यात्रा के पूर्व उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद अवसर है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के कार्यक्रम तो प्रारंभ हुए ही हैं, साथ ही राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के भी 150वें वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान वंदे मातरम् भारत की सोयी चेतना को जगाने वाला गीत था। 1876 के बाद हर क्रांतिकारी, बच्चे, विद्यार्थी, युवा, अधेड़, बुजुर्ग, महिला, पुरुष ने इसका उद्घोष किया और आजादी आंदोलन में कूद पड़ा था।
वंदे मातरम् में संसोधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् का जो मंत्र भारत की आजादी का कारण बना हो, उस मंत्र को भी सांप्रदायिक बताकर कांग्रेस ने उसमें संशोधन करने का प्रयास किया। कांग्रेस ने कहा यह पांच और छह छंद का क्यों पढ़ना है, दो छंद में ही हो इसे पूरा किया जाए। जिस वंदे मातरम् को कांग्रेस के 1896-97 के अधिवेशन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने अपने स्वर में गाया था, उसका 1923 के अधिवेशन में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद अली जौहर ने विरोध किया।
राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं
सीएम योगी ने कहा कि मेरा यह मानना है कोई व्यक्ति हो, कोई जाति, मत या मजहब हो, वह किसी राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकता है। हम सब भारतवासियों को इस बारे में ध्यान रखना होगा कि हमारी आस्था अपनी जगह है। अगर हमारी आस्था, हमारी राष्ट्रीय एकता और एक अखंडता में बाधक बन रही है तो हमें उस आस्था को एक ओर करना होगा। सबसे पहले अपनी राष्ट्रीय अखंडता के लिए प्राणपण से जूझने के लिए तैयार होना होगा। भारत के एक नागरिक के रूप में यह हमारा दायित्व है।
कुछ लोगों के लिए मत-मजहब सबसे बढ़कर
सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोगों के लिए आज भी भारत की एकता और अखंडता से बढ़कर उनका मत और मजहब बड़ा हो जाता है। उनकी व्यक्तिगत निष्ठा महत्वपूर्ण हो जाती है। वास्तव में ऐसे ही इस तरह के लोग संदेह के दायरे में नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के विरोध का कोई औचित्य नहीं है।
पैदा न हो कोई जिन्ना
सीएम योगी ने कहा कि हमारा दायित्व बनता है हम उन कारणों को ढूंढें जो समाज को बांटने वाले हैं। जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर विभाजन नए जिन्ना को पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। हमे ध्यान रखना होगा कि भारत के अंदर फिर से कोई जिन्ना न पैदा होने पाए। अगर जिन्ना पैदा होने का साहस करता है तो हमे उससे राष्ट्रीय एकता को चुनौती मिलने से पहले ही दफन कर देना होगा। इसके लिए भारत के हर नागरिक को खड़ा होना होगा।
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अनिवार्य कराएंगे वंदे मातरम्
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंदे मातरम राष्ट्र गीत के प्रति सबके मन में सम्मान का भाव होना होना चाहिए। इसके लिए वह उत्तर प्रदेश के हर विद्यालय, हर शैक्षणिक संस्थान में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य कराएंगे। ताकि उत्तर प्रदेश के अंदर हर नागरिक के मन में भारत माता के प्रति, अपनी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव जागृत हो सके।



