लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार फसल खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और किसानों के लिए फायदेमंद बनाने पर लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में सरकार ने धान और बाजरा खरीद सत्र 2025-26 के दौरान किसानों को तेजी से भुगतान किया है। पहली अक्टूबर से 28 नवंबर 2025 तक धान किसानों को 1868.35 करोड़ रुपये और बाजरा किसानों को 263.03 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। सरकार द्वारा तय 48 घंटे की भुगतान समय-सीमा का पालन करते हुए खरीद केंद्रों पर किसानों की प्रक्रिया सरल और सुगम बनाई गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एक लाख चालीस हजार से अधिक किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी धान उपज बेची है। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी किसान को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरकार का दावा है कि शेष किसानों को भी जल्द भुगतान करने की प्रक्रिया चल रही है।
बाजरा खरीद के तहत भी किसानों को बेहतर समर्थन मिल रहा है। इस वर्ष बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यूपी के 33 जिलों में बाजरा खरीद के लिए 281 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अब तक लगभग 22 हजार किसानों को 263.03 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके अलावा 64 हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिससे आने वाले दिनों में खरीद और बढ़ने की उम्मीद है।
धान की खरीद कॉमन श्रेणी के लिए 2369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए श्रेणी के लिए 2389 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। सरकार ने इस बार 17 फीसदी नमी वाले धान को भी खरीदने की अनुमति दी है, जिससे किसानों को राहत मिली है।
योगी सरकार का कहना है कि खरीद में बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म कर दी गई है। ई-पॉस मशीन से बायोमेट्रिक सत्यापन, पंजीकृत किसानों से सीधी खरीद और 48 घंटे के भीतर भुगतान जैसी व्यवस्थाओं ने खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बना दिया है। सरकार का उद्देश्य अधिकाधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाना है ताकि उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके।



