पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा चुनाव से पहले TRE-4 के तहत शिक्षक बहाली की घोषणा कर चुके हैं। अब बहाली की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी आन्दोलन पर उतर गए हैं। भारी बारिश में पटना में शुक्रवार को राज्य के विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में TRE-4 के अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए हैं। ये लोग अपनी मांग को लेकर जेपी गोलंबर से मार्च निकाला। इधर प्रशासन भी मुस्तैद है। सचिवालय या अन्य प्रतिबंधित इलाके में जाने से उन्हें रोकने का पूरा इंतजाम किया गया है। मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है।
इस बीच पटना कॉलेज से सीएम हाउस का घेराव करने निकले प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही आते ही पटना पुलिस ने बैरिकेडिंग करके रोक दिया गया लेकिन कुछ अभ्यर्थी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर की तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान अभ्यर्थी भारी बारिश के बीच वहीं धरना पर बैठ गए।
9 सितंबर को भी यह सभी सीएम आवास का घेराव करने निकले थे
इससे पहले 9 सितंबर को भी यह सभी अभ्यर्थी सीएम आवास का घेराव करने निकले थे लेकिन पुलिस ने इन पर लाठी चार्ज कर दिया। इस दौरान कई अभ्यर्थियों को चोट आई थी जिसके बाद आज एक बार फिर से यह अभ्यर्थी सीएम आवास का घेराव करने के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने लगातार भर्ती प्रक्रिया में देरी की है शिक्षक बहाली को लेकर सरकार बार-बार अपने वादे से पीछे हट रही। राज्य में लाखों योग्य उम्मीदवार बेरोजगार है और इतने कम पदों पर भर्ती करने से समस्या गहरी हो रही है।
शिक्षा मंत्री के बयान से विरोध
यह विरोध शुरू हुआ शिक्षा मंत्री के एक बयान से दरअसल शिक्षक बहाली के चौथे चरण में एक लाख से अधिक की बहाली होनी थी लेकिन शिक्षा मंत्री ने शिक्षक दिवस पर एक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा कि 26000 से अधिक भर्ती नहीं निकाली जाएगी। शिक्षा मंत्री के इस बयान से अभ्यर्थी भड़क गए। इसके बाद उन्होंने विरोध शुरू किया। दूसरी ओर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि चौथे चरण की भर्ती में 26000 से अधिक पद शामिल होंगे उन्होंने दावा किया की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता तरीके से पूरी की जाएगी शिक्षा मंत्री ने 16 से 19 सितंबर 2025 के बीच परीक्षा आयोजित की जाएगी और परिणाम 20 से 26 जनवरी 2026 के बीच आएगा। ऐसे में ना तो परीक्षा अधिसूचना जारी की हुई और ना ही फार्म भरने की अंतिम तारीख का ऐलान किया गया। जिसके वजह से तमाम अभ्यर्थियों का गुस्सा शिक्षा मंत्री और सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर पड़ा है।



